रोहिणी कोर्ट ने गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को मानवीय आधार पर राहत देते हुए 1 जुलाई को चार घंटे की कस्टडी पैरोल मंजूर की है. अदालत के आदेश के अनुसार इस दौरान काला जठेड़ी पुलिस की कड़ी सुरक्षा और निगरानी में अपनी पत्नी अनुराधा चौधरी और नवजात जुड़वा बेटियों से मुलाकात कर सकेगा.
जानकारी के अनुसार काला जठेड़ी की पत्नी और लेडी डॉन अनुराधा चौधरी ने मंगलवार सुबह जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया. दोनों बच्चों का जन्म आईवीएफ प्रक्रिया के जरिए हुआ है. इस प्रक्रिया के लिए पहले ही अदालत से अनुमति ली गई थी.
बताया गया कि प्रसव के दौरान अनुराधा चौधरी की तबीयत बिगड़ गई थी. इसके बाद डॉक्टरों ने सी-सेक्शन के जरिए डिलीवरी कराई. फिलहाल मां और दोनों नवजात बच्चियों का इलाज जारी है.
कोर्ट ने मानवीय आधार पर 4 घंटे की कस्टडी पैरोल दी
मुलाकात की अनुमति देने से पहले रोहिणी कोर्ट ने अस्पताल और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच कराई. जांच में जुड़वा बच्चियों के जन्म और मां-बच्चों के उपचार की पुष्टि होने के बाद अदालत ने मानवीय आधार पर कस्टडी पैरोल देने का फैसला लिया.
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि काला जठेड़ी पूरे समय पुलिस हिरासत में रहेगा और उस पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी. उसे केवल निर्धारित समय के लिए ही परिवार से मिलने की अनुमति होगी.
कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यह राहत पूरी तरह मानवीय आधार पर दी गई है. इसका किसी भी तरह से उसके खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले या अदालत में विचाराधीन सुनवाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
पूरे समय पुलिस की कड़ी निगरानी रहेगी
परिवार की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अदालत ने अस्पताल का नाम और मुलाकात के स्थान से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं करने का निर्देश दिया है. काला जठेड़ी और अनुराधा चौधरी की शादी पहले ही काफी चर्चा में रही थी. अब जुड़वा बच्चियों के जन्म के बाद अदालत के इस फैसले ने एक बार फिर इस मामले को सुर्खियों में ला दिया है.