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इंदौर: कोर्ट जाते वक्त 'प्लास्टर ड्रामा', जेल पहुंचते ही आरोपियों ने उतारकर फेंके प्लास्टर- VIDEO

इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में गिरफ्तार आरोपियों का हाथ-पैर में पट्टियां और प्लास्टर बांधकर पुलिस ने जुलूस निकाला. लेकिन जिला जेल पहुंचते ही आरोपियों ने खुद पट्टियां खोलकर फेंक दीं. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं.

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वीडियो वायरल होने के बाद इंदौर पुलिस के फर्जी एक्शन की हो रही चर्चा. (Photo: Screengrabs)
वीडियो वायरल होने के बाद इंदौर पुलिस के फर्जी एक्शन की हो रही चर्चा. (Photo: Screengrabs)

इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. दो दिन पहले एक मेडिकल दुकान के बाहर हुई मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में पकड़े गए आरोपियों का पुलिस ने इलाके में जुलूस निकाला था. इस दौरान आरोपियों के हाथ-पैर में पट्टे और प्लास्टर बंधे हुए थे, जिससे यह संदेश जाए कि वे घायल हैं. हालांकि, जेल गेट पर पहुंचते ही पूरी सच्चाई सामने आ गई. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में आरोपी जिला जेल के गेट पर खुद ही अपने हाथों और पैरों पर बंधे पट्टे खोलकर झाड़ियों में फेंकते दिखाई दे रहे हैं.

एडिशनल डीसीपी बोले, मामले की कराई जाएगी जांच
वीडियो वायरल होने के बाद हीरानगर पुलिस की साख और पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं. वायरल वीडियो और उससे जुड़े ऑडियो में कुछ लोग पैसों के लेन-देन की बात करते सुने जा रहे हैं. आरोप लगाया जा रहा है कि केवल दिखाने के लिए ही पट्टे बांधे गए थे और इसके बदले कथित तौर पर रकम ली गई थी. हालांकि, इन गंभीर आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

यह पूरा विवाद दोपहिया और कार की मामूली टक्कर के बाद शुरू हुआ था. बात बढ़ने पर कार में तोड़फोड़ कर दी गई थी और कार चालक से मारपीट भी की गई थी. इसके बाद पुलिस ने शोभित, मयंक, ओम सहित चार आरोपियों पर प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था. मामले में पुलिस के एडिशनल डीसीपी ओमप्रकाश ने संज्ञान लेते हुए कहा कि वायरल वीडियो की सत्यता, समय और पृष्ठभूमि की जांच कराई जाएगी. जांच के आधार पर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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ऑडियो में 20 हजार रुपये देने का दावा
जेल पहुंचते ही आरोपियों ने खुद पट्टी-प्लास्टर उतारकर फेंक दिया. ऑडियो में ₹20 हजार के लेनदेन का भी दावा किया जा रहा है. वीडियो देखने के बाद लोग दावा कर रहे हैं कि पुलिस ने दिखावे के लिए प्लास्टर बंधवाया था. वहीं, आरोपी जब जेल गेट पर पहुंचे तो खुद ही प्लास्टर खोलने लगे. 

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