भारत में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन को लेकर देश में राजनीति एक बार फिर गरमा हो गई है. आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने सरकार के सामने पेट्रोल और एथनॉल मिश्रण E20 को लेकर तीन बेहद अहम मांगें रखी हैं.केजरीवाल का कहना है कि ये मांगें उनकी निजी नहीं, बल्कि देश की आम जनता की तरफ से हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए सीधे तौर पर आम कस्टमर्स के हितों और जेब को ध्यान में रखकर आवाज उठाई है.
दरअसल, आज शनिवार को आम आदमी पार्टी की ओर से कॉस्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में एक टाउनहाल रखा गया था. इस दौरान केजरीवाल ने सत्ता पक्ष पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने पीएम मोदी पर ट्रंप को फायदा पहुंचाने के लिए E20 को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.
उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, 'मोदी जी ट्रंप को खुश करने के लिए हमारे देश पर जबरदस्ती एथनॉल थोप रहे हैं. अमेरिका एथनॉल का प्रोडक्शन करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा देश है. पिछले साल भारत ने अमेरिका से 1 बिलियन लीटर एथनॉल इंपोर्ट किया था. इस साल E20 लागू होने के बाद, भारत पिछले साल की तुलना में अमेरिका से 5 गुना अधिक एथनॉल इंपोर्ट करेगा. ट्रम्प को खुश करने के लिए मोदी जी देश की जनता को बर्बाद कर रहे हैं.
'पंपों पर मिले अपनी मर्जी का पेट्रोल चुनने का हक'
अरविंद केजरीवाल की सबसे पहली और बड़ी मांग यह है कि देश के हर पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं को यह ऑप्शन मिलना चाहिए कि वे अपनी गाड़ी में कैसा पेट्रोल डलवाना चाहते हैं. सरकार इस समय पर्यावरण को बचाने और कच्चे तेल के आयात को कम करने के लिए E20 पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है. लेकिन केजरीवाल का मानना है कि पेट्रोल पंपों पर E20 के साथ-साथ प्योर पेट्रोल का विकल्प भी हमेशा मौजूद रहना चाहिए, ताकि जनता अपनी गाड़ी की जरूरत के हिसाब से खुद फैसला कर सके.
सरकार से मांगा जवाब-जब एथनॉल मिलाया, तो E20 पेट्रोल सस्ता क्यों नहीं?
अपनी दूसरी मांग में केजरीवाल ने एक बहुत ही व्यावहारिक आर्थिक मुद्दा उठाया है. उनका कहना है कि अगर पेट्रोल में 20 फीसदी एथनॉल मिलाया जा रहा है, तो उसका सीधा फायदा आम जनता को मिलना चाहिए. एथनॉल का उत्पादन पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ता होता है. ऐसे में केजरीवाल का तर्क है कि E20 पेट्रोल की कीमत प्योर पेट्रोल की तुलना में काफी कम होनी चाहिए. अगर मिलावट के बाद भी जनता को बराबर दाम चुकाना पड़े, तो फिर इस नए ईंधन का आम आदमी को कोई सीधा आर्थिक फायदा नहीं मिल रहा है.
इन दोनों मांगों के अलावा, केजरीवाल ने पेट्रोल की मूल कीमत पर भी बड़ा हमला बोला है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि देश में पेट्रोल की कीमत को घटाकर 84 रुपये प्रति लीटर से कम किया जाना चाहिए. पिछले कुछ समय में पेट्रोल-डीजल के दाम जिस तरह आसमान छू रहे हैं, उससे हर घर का बजट बिगड़ गया है. केजरीवाल का कहना है कि तेल के दामों में कटौती करके जनता को तुरंत महंगाई से राहत दी जानी चाहिए.
वहीं इस पूरे मामले पर विशेषज्ञों का मानना है कि देश में कई पुरानी गाड़ियां ऐसी हैं, जिनके इंजन E20 पेट्रोल के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं. ऐसे में वाहन मालिकों को डर रहता है कि ब्लेंडेड पेट्रोल से उनकी गाड़ी का इंजन जल्दी खराब हो सकता है. केजरीवाल ने इसी डर और आम जनता की जेब पर पड़ने वाले असर को भांपते हुए यह मुद्दा उठाया है.