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दिल्ली में शुरू हो गया SIR, 13 हजार से ज्यादा BLO की ड्यूटी लगाई गई

दिल्ली में घर-घर जाकर सत्यापन का पहला चरण 29 जुलाई तक चलेगा और 5 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन होना है. सभी मतदाताओं के लिए फॉर्म भरना अनिवार्य है.

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हर मतदाता को फॉर्म की दो प्रतियां दे रहे बीएलओ (Photo: ITG)
हर मतदाता को फॉर्म की दो प्रतियां दे रहे बीएलओ (Photo: ITG)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो गई है. 30 जून से एन्यूमरेशन फॉर्म बांटने का काम शुरू हो गया है. दिल्ली में एसआईआर के लिए 13 हजार से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की ड्यूटी लगाई गई है. एसआईआर का यह पहला चरण 29 जुलाई तक चलेगा.

इस दौरान केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म देंगे. हर वोटर को फॉर्म की दो प्रतियां दी जाएंगी. एक प्रति मतदाता के पास रसीद के तौर पर रह जाएगी और दूसरी बीएलओ के पास जमा करानी होगी. इस फॉर्म पर 2002 में हुए एसआईआर के मुताबिक विवरण भरने होंगे.

अगर कोई मतदाता ऐसा है, जो 2002 की एसआईआर के समय किसी और राज्य का वोटर था तो वह पुराने राज्य की एसआईआर की डिटेल्स भर सकता है. इस फॉर्म के साथ किसी भी तरह का कोई दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी. हर मतदाता के लिए यह फॉर्म भरना अनिवार्य होगा. दिल्ली की ऐसी सभी राजनीतिक पार्टियां, जिनको मान्यता मिली हुई है, उनके बूथ लेवल एजेंट्स का सहयोग भी एसआईआर में लिया जा रहा है.

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राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स मतदाताओं को फॉर्म भरने और जमा करने में सहायता करेंगे. मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, दिल्ली के मुताबिक जो मतदाता यह फॉर्म नहीं भरेंगे, उनका नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक सभी बीएलओ को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे सुबह जल्दी और शाम के समय घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करें.

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इसके अलावा बीएलओ शनिवार और रविवार को भी मतदाताओं के घर जाएं, जब अधिकतर लोग घर पर मौजूद होते हैं और उनके मिलने की संभावना अधिक रहती है. बीएलओ को इस बात के निर्देश भी दिए गए हैं कि किसी घर में ताला बंद मिले, तो कम से कम तीन बार वहां जाकर संपर्क का प्रयास करना है. एसआईआर के तहत घर-घर जाकर सत्यापन करने के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 5 अगस्त और अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन 7 अक्टूबर को किया जाना है. 

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गौरतलब है कि दिल्ली में कुल 13 हजार 33 मतदान केंद्र हैं. केंद्र शासित प्रदेश में कुल 1 करोड़ 45 लाख मतदाता हैं, जिनमें 77 लाख 11 हजार पुरुष और 67.98 लाख महिला मतदाता शामिल हैं. 16 जून को मतदाता सूची फ्रीज कर दी गई थी. देश के सभी राज्यों की मतदाता सूची भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है. एसआईआर फॉर्म ऑनलाइन भी भरा जा सकता है.

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