दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद करीब 27 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हादसे में 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि 5 लोग घायल हैं. घायलों में 3 की हालत बेहद गंभीर है.
हादसे में जान गंवाने वालों में अभिषेक, पिता संतोष कुमार, निवासी सोनभद्र, उत्तर प्रदेश, उम्र 20 साल, छात्र. युवराज सोनी, पिता कन्हैया लाल सोनी, निवासी दुर्ग, छत्तीसगढ़, उम्र 20 साल, छात्र. पवन, पिता विश्वंभर नाथ, निवासी औरैया, उत्तर प्रदेश, उम्र 17 साल, छात्र. अर्पित जहाज, पिता भूपेंद्र जहाज, निवासी देवास, मध्य प्रदेश, उम्र 19 साल, छात्र. अक्षत सिंह यादव, पिता मंता सिंह यादव, निवासी कटनी, मध्य प्रदेश, उम्र 18 साल, छात्र. सुरिंदर सिंह, पिता केवल सिंह, उम्र 75 साल, मजदूर. एक अज्ञात पुरुष हैं.
इसके अलावा घायलों में असगर अली, उम्र 30 साल. नीरज बावा, उम्र 19 साल. आदित्य कुमार, उम्र 19 साल. नितीश चिब, पिता पवन, उम्र 19 साल. मोहम्मद अयान, पिता मोहम्मद वकील, उम्र 18 साल शामिल हैं.
मालिक को गिरफ्तार किया गया
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को हुई इमारत गिरने की घटना के मामले में पुलिस ने इसके मालिक हरिराम गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उसे राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा हादसे के बाद से ही दिल्ली पुलिस हरिराम गुप्ता की तलाश कर रही थी. घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पालम विहार स्थित उसके घर पर छापेमारी की थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला. इसके बाद पुलिस को शक था कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए किसी सुरक्षित जगह पर छिपा है. पुलिस ने उसके करीबियों और सहयोगियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की.
इनको किया गया सस्पेंड
इस मामले में MCD के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत 5 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में इसकी जानकारी दी. अपने पोस्ट में उन्होंने बताया कि दिल्लीभर में बिना अनुमति बनाई गई पांचवीं मंजिल वाली इमारतों को तत्काल सील करने का आदेश दिया गया है. आसपास के PG और इमारतों की भी गहन जांच की जा रही है.नियमों का उल्लंघन मिलने पर सील करने समेत सख्त कार्रवाई की जाएगी. दिल्ली सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. सरकार ने कहा है कि जो भी व्यक्ति दोषी या जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
हाईकोर्ट भी सख्त
दिल्ली हाईकोर्ट ने सत्य निकेतन में PG हॉस्टल के तौर पर चल रही दो इमारतों के गिरने के मामले में दाखिल PIL पर सुनवाई की. कोर्ट ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, MCD, दिल्ली पुलिस, दिल्ली यूनिवर्सिटी और NHRC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह दिल्ली सरकार, केंद्र और MCD की ओर से पेश होंगे. कोर्ट ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. मामले में अगली सुनवाई 25 तारीख को होगी.
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यह PIL सत्य निकेतन में कल हुई उस घटना के बाद दाखिल की गई, जिसमें लड़कों के PG हॉस्टल के तौर पर चल रही दो इमारतें ढह गई थीं. इन इमारतों में करीब 50 छात्र रह रहे थे. हादसे में अब तक कम से कम 7 लोगों की मौत हो चुकी है. इमारत में रहने वाले कई छात्रों को अस्पताल ले जाया गया, जबकि कई अन्य के मलबे में दबे होने की बात कही गई. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि हर कुछ महीनों में ऐसी घटनाएं होती हैं, जिनमें निर्दोष छात्रों की जान चली जाती है. उन्होंने कहा कि MCD को इस दिशा में कुछ करना चाहिए.