
दिल्ली में एक बार फिर बुलडोजर की आहट ने लाखों लोगों की चिंता बढ़ा दी है. यमुना के बाढ़ क्षेत्र यानी O जोन में आने वाली कॉलोनियों और गांवों को लेकर शुरू हुई कानूनी लड़ाई अब सड़कों तक पहुंच चुकी है.
DDA के खिलाफ अब न सिर्फ स्थानीय लोग, बल्कि दिल्ली की बीजेपी सरकार के मंत्री और पार्टी के सांसद भी खुलकर मोर्चा खोलते नजर आ रहे हैं.
राजधानी के उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली के कई इलाकों में इन दिनों एक ही सवाल गूंज रहा है- क्या DDA का बुलडोजर अब लोगों के घरों तक पहुंचेगा?
नॉर्थ दिल्ली के गढ़ी मांडू और ओल्ड उस्मानपुर गांव के लोग इन दिनों डर के माहौल में जी रहे हैं. हाल ही में सोनिया विहार और आसपास के इलाकों में O जोन के बोर्ड लगाए गए हैं, जिसके बाद स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई है. लोगों को आशंका है कि कहीं उनके घरों को अवैध घोषित कर बुलडोजर कार्रवाई न शुरू कर दी जाए.

इन गांवों और कॉलोनियों में रहने वाले कई परिवार पीढ़ियों से यहां बसे हुए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कुछ गांवों का इतिहास करीब 700 साल पुराना है और उन्हें उजाड़ने की कोई भी कोशिश उनके अस्तित्व पर सीधा हमला होगी.
DDA के खिलाफ बीजेपी सांसदों का मोर्चा
पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और दक्षिण दिल्ली से सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी लगातार लोगों को आश्वस्त करने की कोशिश कर रहे हैं. वो दिलाया दे रहे हैं कि उनके घरों पर बुलडोजर नहीं चलने दिया जाएगा.
सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने DDA पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि साल 2008 में जिन कॉलोनियों को नियमित किया गया था, आज उन्हीं कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी की जा रही है. बिधूड़ी का दावा है कि साल 2014 में उनके संसदीय क्षेत्र की जैतपुर कॉलोनी को O जोन की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था और इसके आदेश खुद DDA ने जारी किए थे. लेकिन अब उसी जैतपुर को दोबारा O जोन की श्रेणी में डाल दिया गया है.
उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर इन कॉलोनियों में बुलडोजर चला तो सबसे पहले हम विरोध करेंगे. किसी भी कीमत पर लोगों के घरों पर बुलडोजर नहीं चलने देंगे.'
सरकार और DDA के बीच विरोधाभास?
एक तरफ सोनिया विहार और आसपास के इलाकों में O जोन के बोर्ड लगाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता उन्हीं क्षेत्रों में करीब 138 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्यों का शिलान्यास कर रही हैं.
ऐसे में स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर ये इलाके विकास योजनाओं का हिस्सा हैं, तो फिर इन्हें O जोन बताकर कार्रवाई की आशंका क्यों पैदा की जा रही है?
94 कॉलोनियों पर मंडरा रहा बुलडोजर का खतरा
आज तक को मिली जानकारी के मुताबिक, राजधानी में करीब 94 ऐसी कॉलोनियां हैं जिन पर कभी भी बुलडोजर कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है. इसी आशंका ने बीजेपी सांसद मनोज तिवारी, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा की चिंताएं बढ़ा दी हैं.
यही वजह है कि अपने-अपने क्षेत्रों की सभाओं में ये नेता लगातार लोगों को भरोसा दिलाते नजर आ रहे हैं कि किसी भी परिवार को बेघर नहीं होने दिया जाएगा.
डर के साये में 15 लाख परिवार
बीजेपी सांसद रामवीर सिंह ने बताया कि O जोन विवाद से सीधे तौर पर करीब 15 लाख परिवार प्रभावित हो सकते हैं. इन परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल अपने आशियाने को बचाने का है. कई लोगों का कहना है कि उन्होंने जीवन भर की कमाई लगाकर अपने घर बनाए हैं. बिजली-पानी के कनेक्शन लिए, टैक्स भरे और सरकारी योजनाओं का फायदा भी मिला.
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ऐसे में अचानक उन्हें अवैध बताकर बेदखल करने की आशंका ने उनकी चिंता बढ़ा दी है. लेकिन दूसरी तस्वीर भी है. हालांकि इस पूरे विवाद का एक दूसरा पक्ष भी है. जब-जब यमुना उफान पर आती है, तब नॉर्थ और साउथ दिल्ली की कई कॉलोनियां बाढ़ की चपेट में आ जाती हैं. सोनिया विहार, ओल्ड उस्मानपुर, गढ़ी मांडू, जैतपुर और मीठापुर जैसे इलाकों में पहले भी बाढ़ का पानी घुस चुका है.