scorecardresearch
 

45 साल पुरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर, मीनारें गिरते ही मलबे में बदल गया नूरानी इतिहास, जयपुर में गरमाया माहौल

जयपुर के मालवीय नगर में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर 45 साल पुरानी नूरानी मस्जिद को जेडीए ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. मस्जिद कमेटी ने इसे अन्याय बताया, जबकि प्रशासन ने इसे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कहा है. कार्रवाई के दौरान पुलिस तैनात रही और कई धार्मिक ढांचे भी हटाए गए.

Advertisement
X
मस्जिद पर चला बुलडोजर. (Photo: Screengrab)
मस्जिद पर चला बुलडोजर. (Photo: Screengrab)

जयपुर के मालवीय नगर इलाके में मंगलवार को भजनलाल सरकार के तहत जेडीए की ओर से बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला. इस कार्रवाई में करीब 45 साल पुरानी नूरानी मस्जिद को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया. कुछ ही घंटों में पांच मंजिला मस्जिद, जिसकी मीनारों से वर्षों तक अजान की आवाज गूंजती रही, मलबे के ढेर में बदल गई. कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सतर्क नजर आया.

1981 में बनी थी मस्जिद, दशकों से जुड़ा था धार्मिक जीवन

जानकारी के अनुसार नूरानी मस्जिद का निर्माण वर्ष 1981 में लगभग 391 वर्ग गज भूमि पर किया गया था. मस्जिद कमेटी का कहना है कि यहां पिछले 45 वर्षों से लगातार पांचों वक्त की नमाज अदा की जाती रही है. सैकड़ों लोग इस धार्मिक स्थल से जुड़े हुए थे. मस्जिद के ढहने के बाद स्थानीय मुस्लिम समुदाय में गहरा आक्रोश और भावनात्मक आघात देखने को मिला.

मस्जिद कमेटी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने 5 मई को नोटिस जारी कर 8 जून को ध्वस्तीकरण की जानकारी दी थी. उनका कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया और कार्रवाई जल्दबाजी में की गई. कमेटी के अनुसार यह जमीन उन्होंने जेडीए से स्वीकृत हाउसिंग सोसायटी से खरीदी थी, इसलिए वे इसे वैध निर्माण मानते हैं.

Advertisement

प्रशासन का दावा, सड़क चौड़ीकरण के लिए जरूरी थी कार्रवाई

जयपुर विकास प्राधिकरण का कहना है कि नूरानी मस्जिद जिस स्थान पर स्थित थी, वह सड़क चौड़ीकरण परियोजना के दायरे में आ रहा था. अधिकारियों के अनुसार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सड़क का विस्तार आवश्यक था, जिसके चलते मार्ग में आने वाले निर्माण हटाए गए. प्रशासन का यह भी कहना है कि यह कार्रवाई किसी एक धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं थी. नूरानी मस्जिद के अलावा एक मजार, दो छोटे मंदिर और एक सत्संग भवन को भी हटाया गया है. जेडीए के अनुसार सभी प्रभावित पक्षों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे.

वैकल्पिक जमीन का प्रस्ताव, लेकिन नहीं बनी सहमति

सूत्रों के मुताबिक जेडीए ने मस्जिद कमेटी को खो नागोरियन क्षेत्र में लगभग 1100 वर्ग गज वैकल्पिक भूमि देने का प्रस्ताव भी दिया था. हालांकि इस पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी. विवाद के बीच अंततः प्रशासन ने निर्धारित योजना के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया.

मलबे में बदला धार्मिक स्थल, बढ़ा तनाव और बहस

नूरानी मस्जिद पर चला यह बुलडोजर एक्शन अब केवल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं रह गया है, बल्कि यह धार्मिक भावनाओं, कानूनी दावों और विकास परियोजनाओं के बीच टकराव का बड़ा मुद्दा बन गया है. एक तरफ प्रशासन इसे विकास कार्य और सड़क चौड़ीकरण के लिए जरूरी कदम बता रहा है, तो दूसरी तरफ मस्जिद कमेटी इसे दशकों पुराने धार्मिक स्थल के साथ अन्याय मान रही है. फिलहाल मौके पर मीनारों और गुंबद की जगह केवल मलबा दिखाई दे रहा है. इलाके में स्थिति शांत जरूर है, लेकिन घटना को लेकर चर्चा और प्रतिक्रिया लगातार जारी है.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement