राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बाहरी उत्तरी जिले के बवाना इलाके में सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया. बाइक सवार हमलावरों ने एक व्यक्ति पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिससे उसकी मौके पर ही गंभीर हालत हो गई. घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक की पहचान 45 वर्षीय जोगिंदर उर्फ काला के रूप में हुई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में पुलिस गैंगवार और पुरानी रंजिश समेत कई एंगल से जांच कर रही है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 18 जुलाई की सुबह करीब 8:15 बजे बवाना थाना क्षेत्र के पूठ खुर्द गांव में फायरिंग की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचीय पता चला कि कुछ अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने जोगिंदर उर्फ काला पर कई राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए.

गंभीर रूप से घायल जोगिंदर को तत्काल एमवी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटना के बाद क्राइम टीम और फॉरेंसिक टीम ने जांच की. पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है. इसी के साथ अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उनकी शिनाख्त और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.
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सूत्रों के अनुसार, यह हत्या आपसी रंजिश और गैंगवार से जुड़ी हो सकती है. इसी इलाके में पहले भी इसी विवाद से जुड़े तीन लोगों की हत्या हो चुकी है. अब चौथी हत्या के बाद पुरानी दुश्मनी एक बार फिर चर्चा में है.
जांच से जुड़े सूत्रों का यह भी कहना है कि इस हत्याकांड के पीछे विक्की हर्डल नाम के व्यक्ति का हाथ होने की आशंका है. विक्की हर्डल विदेश में है और उसका नाम कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़ता रहा है. विक्की हर्डल के परिवार के तीन सदस्यों की हत्या हो चुकी है. आशंका जताई जा रही है कि यह वारदात उसी रंजिश का बदला हो सकती है. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अभी तक इस संबंध में किसी नाम की पुष्टि नहीं की है. पुलिस का कहना है कि सभी संभावित एंगल पर जांच की जा रही है.
वहीं मृतक के परिजनों ने पुलिस पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि जोगिंदर को पहले से जान का खतरा था और इस संबंध में कई बार पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी. पुलिस को CCTV फुटेज भी दी थी, जिसमें कुछ संदिग्ध घर की रेकी करते दिखाई दे रहे थे. इसके बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
फिलहाल पुलिस आसपास के CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ाई जा रही है. शिनाख्ती के साथ ही जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.