जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जारी है. ऐसे में प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 लागू कर दी है जिसके कारण कानून-व्यवस्था के मद्देनजर इलाके में ऐप-आधारित सेवाओं, राइड शेयरिंग प्लेटफॉर्म, खाने की डिलीवरी, क्विक-कॉमर्स और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को प्रतिबंधित इलाके में अपनी आवाजाही को नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पर सवाल उठाते हुए इसे फूड बंदी करार किया है.
जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के चलते भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा को देखते हुए, सार्वजनिक व्यवस्था, कानून व्यवस्था को बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई प्रतिबंध लगाए गए हैं.
दिल्ली ट्राफिक पुलिस की ओर से एडवाइजरी जारी करते हुए कहा गया है कि कानून व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐप-आधारित सेवाओं, राइड शेयरिंग प्लेटफॉर्म, फ़ूड डिलीवरी, क्विक-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स और अन्य ई-कॉमर्स सेवाओं को सलाह दी जाती है कि वे इस दौरान अधिसूचित क्षेत्र में अपनी सेवाओं को नियंत्रित करें. पुलिस का कहना है कि ड्राइवरों, डिलवरी पार्टनर्स, आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए इन आदेशों को लागू किया गया है. इनका मकसद व्यवस्था बनाए रखना है.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा लोगों को सलाह दी गई है कि वे इन क्षेत्रों की यात्रा करने से बचें.
दिल्ली पुलिस के निर्णय पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने 'X' पर पोस्ट करते हुए लिखता है कि "रोटी मत छीनो! (नोटबंदी के बाद फूड बंदी)"
गुरुवार को न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए कनॉट प्लेस स्थित दुकानों, कार्यालयों और रेस्तरां संचालकों से अपील की थी कि वे अपने प्रतिष्ठान शाम 6:30 बजे तक बंद कर दें. उनका कहना था कि यह अपील नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के चेयरमैन की सलाह पर जारी की गई थी.