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पटना जंक्शन की LED पर चली अश्लील फिल्म की जांच कोलकाता में, रेलवे ने भेजी टीम

बीते दिनों बिहार के पटना रेलवे स्टेशन पर लगे एलईडी पर अश्लील फिल्म चल गई थी, इससे यात्रियों को शर्मसार होना पड़ा था. इस मामले में रेलवे के अधिकारियों ने जिम्मेदार एजेंसी पर सख्त एक्शन लिया है. जांच के लिए एक टीम एजेंसी के ऑफिस कोलकाता भेजी गई है. कोलकाता जाकर यह टीम पूछताछ करने के साथ ही छानबीन करेगी.

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 पटना जंक्शन पर लगी LED स्क्रीन पर चली अश्लील फिल्म.
पटना जंक्शन पर लगी LED स्क्रीन पर चली अश्लील फिल्म.

बिहार की राजधानी पटना में रेलवे स्टेशन पर लोगों को रविवार सुबह शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था. दरअसल, यहां स्टेशन पर विज्ञापन प्रसारण के लिए लगे दर्जनों टेलीविजन स्क्रीन पर अचानक अश्लील फिल्म चलने लगी थी. रेलवे स्टेशन पर एडल्ट फिल्म चली तो मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि करीब 3 मिनट तक दर्जनों स्क्रीन पर एडल्ट फिल्म चलती रही, जिसके कारण लोग आक्रोशित हो गए.

जानकारी के अनुसार, यह मामला पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर दस का है. स्क्रीन पर अश्लील फिल्म चलने के मामले में स्थानीय अधिकारियों ने आरोपियों पर सख्त एक्शन लेने का फैसला किया है. सूत्रों का कहना है कि इस मामले को लेकर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की एक टीम पश्चिम बंगाल भेजी गई है.

शर्मनाक घटना के बाद तुरंत लिया एक्शन

रेलवे अधिकारियों ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए तुरंत एक्शन लिया है. पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि स्क्रीन पर फिल्म चलने के बाद जिम्मेदार एजेंसी 'दत्ता स्टूडियो' के खिलाफ दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं.

इनमें से एक केस रेलवे सुरक्षा बल ने, जबकि दूसरा केस जीआरपी ने आईटी एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज किया है. ईसीआर के प्रवक्ता बीरेंद्र कुमार ने इंडिया टुडे को बताया कि रेलवे ने स्क्रीन पर अश्लील फिल्म चलने के बाद एजेंसी के साथ सभी कान्ट्रैक्ट खत्म कर ब्लैकलिस्टेड कर दिया है.

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कोलकाता में है जिम्मेदार एजेंसी का ऑफिस

कोलकाता स्थित दत्ता स्टूडियो द्वारा चलाए जा रहे सभी स्क्रीन तत्काल लॉग आउट कर दिए गए हैं. आईटी एक्ट के तहत जीआरपी द्वारा दर्ज मामले की जांच के लिए टीम पश्चिम बंगाल रवाना कर दी गई है.

टीम कोलकाता में एजेंसी के ऑफिस पहुंचकर जरूरी इनपुट लेगी. जीआरपी के अधिकारियों के अनुसार, किसी मौजूदा या पूर्व कर्मचारी द्वारा गड़बड़ी के एंगल से इंकार नहीं किया जा सकता है. जांच के निष्कर्ष से पहले और कुछ भी कहना संभव नहीं है.

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