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क्या होता है 'हिप डिस्प्लेसिया', वरुण धवन की बेटी को हुई थी ये बीमारी, इग्नोर न करें इसके शुरुआती संकेत

वरुण धवन की बेटी लारा DDH (डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप) नामक बीमारी से पीड़ित थी. इसमें बच्चे के कूल्हे का जोड़ सही से विकसित नहीं होता. अगर बच्चे के पैरों की लंबाई अलग दिखे या चलने में लंगड़ाहट हो, तो इसे नजरअंदाज न करें. जानें इस बीमारी के लक्षण, कारण और सही इलाज.

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बच्चों के चलने में लंगड़ाहट होने पर डॉक्टर को दिखाएं.  (PHOTO:ITG)
बच्चों के चलने में लंगड़ाहट होने पर डॉक्टर को दिखाएं. (PHOTO:ITG)

Developmental Dysplasia of the Hip Symptoms: बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन ने 3 जून 2024 को बेटी का दुनिया में स्वागत किया था. उनकी बेटी का नाम लारा है, जिसका फेस अभी तक कपल ने ऑफिशियली रिवील नहीं किया है, लेकिन हाल ही में एक्टर ने अपनी बेटी को लेकर एक शॉकिंग खुलासा किया. 'बी अ मैन यार' के हालिया एपिसोड में वरुण ने बताया कि जब उनकी बेटी लारा महज 1.5 साल की थी, तब उसे एक गंभीर बीमारी डायग्नोज हुई थी.

वरुण धवन ने खुलासा किया है कि उनकी बेटी लारा को जन्मजात बीमारी डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप (DDH) हुई थी. एक्टर ने पॉडकास्ट में बताया कि वेस्ट में इसका अच्छा इलाज है, हालांकि अभी उतना इंडिया में नहीं है. आइए जानते हैं कि आखिर डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप क्या है और इसके लक्षण क्या होते हैं. 

क्या है DDH?

डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप (DDH) एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चे के हिप जॉइंट की ठीक से ग्रोथ नहीं होती. सामान्य रूप से हिप जॉइंट बॉल और सॉकेट जैसा होता है, लेकिन इस बीमारी में सॉकेट उथला होता है जिससे बॉल सही से फिट नहीं होती. इसके कारण कूल्हा ढीला हो जाता है और कभी-कभी अपनी जगह से खिसक भी जाता है.

क्यों जरूरी है जल्दी पहचान?

वरुण धवन ने बताया कि अगर DDH का समय पर इलाज न हो तो बच्चे को चलने-फिरने में दिक्कत हो सकती है और आगे चलकर गठिया (arthritis) जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है.

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अच्छी बात यह है कि अगर इसे शुरुआती स्टेज में पकड़ लिया जाए, तो इलाज आसान और असरदार होता है.

DDH के लक्षण क्या हैं?

डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप (DDH) के शुरुआत में लक्षण साफ दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन कुछ संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है. जैसे-

  • बच्चे के दोनों पैरों की लंबाई अलग दिखना
  • एक पैर का कम मूव करना
  • हिप जॉइंट का ढीला महसूस होना
  • चलना शुरू करने पर लंगड़ाना या असमान चलना

अक्सर यह समस्या तब साफ दिखती है जब बच्चा खड़ा होना या चलना शुरू करता है. आमतौर पर 1 से डेढ़ साल के बाद इस समस्या के बारे में माता-पिता को मालूम चलता है और कुछ लोग इन लक्षणों को आम समझकर अनदेखा भी करते हैं, जबकि ऐसे संकेत दिखते ही तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप के कारण

इस बीमारी के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

फैमिली हिस्ट्री: अगर परिवार में किसी को हिप की समस्या रही हो

गर्भ में स्थिति: बच्चे को गर्भ में पर्याप्त जगह न मिलना
जन्म के समय या बाद में विकास में कमी

अधिकतर मामलों में यह समस्या जन्म से ही होती है या शुरुआती महीनों में विकसित होती है.

DDH इलाज कैसे होता है?

डॉक्टर बच्चे की उम्र और समस्या की गंभीरता के आधार पर इलाज तय करते हैं. 

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  1. छोटे बच्चों के लिए हर्नेस लगाया जाता है, जिससे हिप सही स्थिति में रहता है.
  2. कुछ मामलों में हिप को सही जगह पर सेट करके स्पाइका कास्ट लगाया जाता है.
  3. अगर बच्चे की स्थिति गंभीर होती है तभी सर्जरी की जरूरत पड़ती है.

जैसा कि वरुण ने भी बताया कि उनकी बेटी लारा को सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी और एक प्रोसेस के बाद कास्ट के जरिए उसकी समस्या का इलाज किया गया.

सावधानियां और देखभाल

  • बच्चे की चाल और गतिविधियों पर नजर रखें
  • नियमित डॉक्टर चेकअप करवाएं
  • कोई भी असामान्यता दिखे तो तुरंत डॉक्टर से मिलें
  • डाइट और होम केयर

बच्चे की हड्डियों की मजबूती के लिए खिलाएं ये चीजें

  1. दूध
  2. दही
  3. पनीर
  4. अंडे 
  5. हरी सब्जियां
  6. कैल्शियम वाले चीजें
  7.  विटामिन D से भरपूर आहार

डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप (DDH) में घर पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की एक्सरसाइज और सही पोजिशन में बैठना-सोना भी मदद करता है.

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