भारतीय राजनीति में सत्ता की लड़ाई सिर्प चुनावी मैदान में नहीं लड़ी जाती बल्कि कई बार सबसे बड़ा संघर्ष पार्टी के भीतर शुरु हो जाता है. जब महत्वाकाक्षाएं टकराती है, नेतृत्व पर सवाल उठ जाते है और भरोसे की दीवारें दरकने लगती है तब राजनीतिक दलों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो जाता है.