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बस में 25 लाख कैश लिए बैठा था बुजुर्ग... फर्जी CBI अफसर बनकर ठग आए और ले उड़े बैग

महाराष्ट्र के अकोला में दो युवकों ने फर्जी CBI अधिकारी बनकर एक 70 साल के कारोबारी से 25 लाख रुपये ठग लिए. गूगल से बनाई गई नकली आईडी दिखाकर आरोपियों ने कारोबारी को इतना डराया कि कैश और मोबाइल उनके हवाले कर दिया. हालांकि पुलिस ने 12 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरी रकम बरामद कर ली है.

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बुजुर्ग के पास 25 लाख कहां से आए, इसकी भी होगी जांच. (Photo: ITG)
बुजुर्ग के पास 25 लाख कहां से आए, इसकी भी होगी जांच. (Photo: ITG)

'आपके खिलाफ जांच चल रही है... हम CBI से हैं.' अगर कोई अचानक आपको ऐसा कहे, जेब में पहचान पत्र भी हो और आवाज में पूरा रौब, तो शायद आप भी घबरा जाएं. महाराष्ट्र के अकोला में एक 70 साल के कारोबारी के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. लेकिन वो CBI वाला असली नहीं, बल्कि ठग था.

यह घटना 19 जून को शाम 4 से 5 बजे के बीच की है. खामगांव के रहने वाले 70 वर्षीय व्यापारी बालापुर बस स्टैंड पर बस में सवार हुए थे. वे पिको कॉल सेंटर का संचालन करते हैं. कारोबारी बालापुर की बस में सफर कर रहे थे. उनके पास करीब 25 लाख रुपये कैश थे. बस में एक युवक ने उन्हें पहचान लिया. पहचान इसलिए क्योंकि वो पहले कारोबारी के यहां काम कर चुका था. उसे मालूम था कि मालिक कभी-कभी बड़ी रकम लेकर चलते हैं.

यहीं से शुरू हुई पूरी कहानी. आरोपी ने गूगल की मदद से फर्जी CBI आईडी बनाई. फिर कारोबारी के सामने पहुंचा और बोला- आप पर अवैध लेनदेन की जांच चल रही है. आरोप इतने आत्मविश्वास से लगाए गए कि बुजुर्ग कारोबारी को शक तक नहीं हुआ. उनसे कहा गया कि जांच के लिए मोबाइल और पैसों से भरा बैग जमा करना होगा और पुलिस स्टेशन चलना होगा.

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elderly businessman carrying rs 25 lakh in bus duped by fake cbi officers in akola

कहानी को असली बनाने के लिए दूसरा साथी भी एंट्री मारता है. दोनों ने ऐसा माहौल बनाया कि कारोबारी पूरी तरह भरोसा कर बैठे. फिर जैसे ही वो बस से नीचे उतरे, दोनों आरोपी बैग और मोबाइल लेकर रफूचक्कर हो गए.

यह भी पढ़ें: 36 मोबाइल, 53 ATM कार्ड और 15 राज्यों में फैला नेटवर्क... निवेश के नाम पर 2.53 करोड़ की ठगी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

कुछ देर तक कारोबारी पुलिस की गाड़ी का इंतजार करते रहे. लेकिन जब कोई नहीं आया, तब जाकर समझ में आया कि उनके साथ CBI जांच नहीं, बल्कि सीधी-सीधी ठगी हो गई है.

शिकायत बालापुर पुलिस स्टेशन पहुंची और मामला गंभीर था. 25 लाख रुपये की लूट कोई छोटी बात नहीं थी. अकोला के एसपी अर्चित चांडक ने तुरंत स्पेशल टीम बनाई. पुलिस निरीक्षक नितिन लेव्हरकर की अगुवाई में टीम ने काम शुरू किया.

इसके बाद पुलिस ने वही किया, जो ऐसी कहानियों में पुलिस करती है-  CCTV खंगालना... खामगांव से बालापुर तक करीब 50 कैमरों की फुटेज देखी गई. तकनीकी जांच और मुखबिरों की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई.

अकोला की स्थानीय अपराध शाखा (LCB) ने दोनों को खामगांव से गिरफ्तार किया. इनमें 22 वर्षीय हार्दिक मनोज कुमार गुरबानी और 25 वर्षीय साहिल नंदकिशोर नथ्थानी शामिल हैं. आरोपियों के पास से 25 लाख रुपये कैश, पीड़ित का मोबाइल फोन (करीब 90 हजार रुपये), दो बाइक और अन्य सामान सहित कुल 27.5 लाख रुपये का माल जब्त किया है. पुलिस ने यह भी कहा है कि व्यापारी के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई, इसकी जांच के लिए जीएसटी विभाग को पत्र भेजा जाएगा.

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पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पहले से पता था कि कारोबारी बड़ी रकम लेकर चलते हैं. इसी जानकारी के आधार पर पूरी साजिश रची गई. अब एक और सवाल उठ रहा है. कारोबारी के पास 25 लाख रुपये नकद कहां से आए? पुलिस ने कहा है कि इस बारे में जीएसटी विभाग को भी जानकारी दी जाएगी और उस पहलू की जांच अलग से होगी.

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