भारत में लंग्स कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इस बीच इलाज के नए- नए तरीके भी आ रहे हैं. अब कैंसर के मरीजों को केवल रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी पर ही निर्भर रहना नहीं पड़ता है. अब डॉक्टर इलाज तय करते समय सिर्फ कैंसर का स्टेज ही नहीं, बल्कि यह भी देखते हैं कि कैंसर किस तरह का है. अब कैंसर के इलाज में टारगेटेड थेरेपी का भी काफी यूज किया जा रहा है. इस थेरेपी के बारे में डॉक्टर ने बताया है.
टारगेटेड थेरेपी में कैंसर का इलाज करने से पहले ट्यूमर के टिश्यू की जांच की जाती है. इसमें देखा जाता है कि कोई जेनेटिक बदलाव हैं या नहीं. अगर इनमें से कोई बदलाव मिलता है, तो ऐसी दवाइयां दी जाती हैं जो कैंसर सेल्स को बढ़ने और शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलने से रोकती हैं. यह दवाएं शरीर को ऐसे खास सिग्नल्स देती हैं कि वह शरीर में कैंसर को दूसरे हिस्सों में फैलने से रोक देती हैं. यह इलाज सीधे कैंसर की कमजोर कड़ी पर निशाना साधता है. खास बात यह है कि कीमोथेरेपी की तरह इसके कोई खास साइड इफेक्ट नहीं हैं.
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इम्यूनोथेरेपी भी कैंसर के इलाज में बहुत फायदेमंद
इम्यूनोथेरेपी भी कैंसर के इलाज में बहुत फायदेमंद साबित हो रही है. गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग में चेयरपर्सन डॉ. तेजिंदर कटारिया ने इस बारे में बताया है. वह कहते हैं कि इम्यूनोथेरेपी ने भी लंग कैंसर के इलाज का तरीका पूरी तरह बदल दिया है. ये दवाइयां शरीर की इम्यून सिस्टम को कैंसर सेल्स को पहचानने और उन पर हमला करने में मदद करती हैं.
कई मरीजों में इम्यूनोथेरेपी को अकेले भी दिया जा सकता है तो कुछ मरीजों में जरूरत पड़ने पर कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी को साथ-साथ चलाया जाता है. कुछ मरीजों में इसे सर्जरी से पहले या सर्जरी के बाद भी दिया जाता है. हालांकि अभी इस मामले में रिसर्च चल रही है कि किन मरीजों को इससे सबसे ज़्यादा फायदा होगा. अगर यह रिसर्च पूरी हो जाती है तो यह थेरेपी कैंसर के इलाज में गेम चेंजर साबित हो सकती है.
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अब लंग कैंसर का पर्सनलाइज़्ड ट्रीटमेंट
डॉ तेजिंदर बताते हैं कि अब लंग्स कैंसर का इलाज केवल सर्जरी से ही नहीं किया जाता है.अब इसका इलाज पर्सनलाइज़्ड हो गया है. इसका मतलब यह है कि डॉक्टर हर मरीज के लिए उसकी बीमारी की स्टेज, उसकी सेहत को ध्यान में रखकर सबसे सही इलाज चुन सकते हैं. इससे बड़ा फायदा यह हो रहा है कि कैंसर के गंभीर मामलों में भी मरीज की जान बचाई जा सकती है.