इस मौसम में कुछ लोगों को सिर में दर्द की शिकायत रहती है. यह दर्द कभी हल्का तो कभी तेज होता है. कुछ को सुबह के समय तेज दर्द महसूस होता है. लेकिन क्या बारिश सीधे सिरदर्द की वजह है? डॉक्टरों के मुताबिक, सिरदर्द का कारण सीधे तौर पर तो बारिश से जुड़ा नहीं होता है, लेकिन मौसम में होने वाले बदलाव कुछ लोगों में सिरदर्द या माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं.
बारिश के मौसम में तापमान में बदलाव आता रहता है. हवा में नमी भी रहती है. नमी का तो उतना असर नहीं होता है, लेकिन तापमान शाम और सुबह को हल्का कम हो जाता है. ऐसे में जिन लोगों को इस बदलाव से संबंधित परेशानी रहती है तो उनको सिरदर्द महसूस होता है. हालांकि ऐसे अधिकतर मामलों में समस्या माइग्रेन की देखी जाती है. कई लोगों में ऐसा वायरल संक्रमण के कारण भी हो सकता है.
सर्दी-जुकाम और साइनस भी हो सकता है कारण
दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में न्यूरोसर्जरी विभाग में पूर्व प्रोफेसर डॉ दलजीत सिंह ने इस बारे में बताया है. वह कहते हैं कि बारिश के मौसम में वायरल संक्रमण और सर्दी-जुकाम की समस्या बढ़ सकती है. लोगों को नाक बंद होना, नाक से पानी आना, गले में खराश होती है तो उनको सिरदर्द भी हो सकता है. लेकिन अगर वायरल इंफेक्शन या बुखार नहीं है और फिर भी अगर सिर दर्द रहता तो यह माइग्रेन भी हो सकता है.
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कैसे पहचानें की ये माइग्रेन का दर्द है?
अगर तेज रोशनी, तेज आवाज में सिरदर्द बढ़ता है और इसके साथ जी मिचलाना या उल्टी जैसी समस्या भी है तो यह माइग्रेन हो सकता है. ऐसे लोगों में बारिश और मौसम का बदलाव एक ट्रिगर की तरह काम कर सकता है. डॉ दलजीत कहते हैं कि बार-बार होने वाले सिरदर्द में बिना सलाह के लगातार दर्द की दवा लेना सही नहीं है.
इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज
अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज हो, साथ में बेहोशी, बोलने में दिक्कत, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, हो तो इसे सामान्य सिरदर्द मानकर घर पर इलाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
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बचाव के लिए क्या करें?
नींद पूरी लें
बारिश में भीगे कपड़ों में लंबे समय तक न रहें
सर्दी-जुकाम होने पर उसे नजरअंदाज न करें
खुद से कोई दवा लेने से बचें
दो दिन से ज्यादा सिरदर्द है तो डॉक्टर से सलाह लें