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ब्यूटी क्रीम खरीदते समय कैसे पता करें कि इसमें लेड या जहरीला केमिकल तो नहीं? ऐसे करें खुद से टेस्ट

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने पाकिस्तान में बनी और भारत में बिक रहीं कुछ कॉस्मेटिक क्रीमों को लेकर हेल्थ अलर्ट जारी किया है. इनमें खतरनाक केमिकल मिले हैं. ऐसे में आपके लिए ये जानना जरूरी है कि जो क्रीम आप लगा रहे हैं कहीं उसमें लेड या जहरीला केमिकल तो नहीं है.

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ब्यूटी क्रीम में केमिकल का ऐसे करें पता
ब्यूटी क्रीम में केमिकल का ऐसे करें पता

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन यानी CDSCO ने पाकिस्तान में बनी कॉस्मेटिक क्रीमों को लेकर पब्लिक हेल्थ अलर्ट जारी किया है. इनमें गोरी ब्यूटी क्रीम' 'चांदनी व्हाइटनिंग क्रीम' शामिल है. CDSCO के मुताबिक, दोनों क्रीम भारत में बिक्री के लिए बैन हैं. जांच में इनमें तय सीमा से अधिक हैवी मेटल मिले हैं जो हेल्थ के लिए खतरनाक होते हैं. इस अलर्ट के बाद लोगों के मन में ये सवाल आ रहा है कि जो क्रीम वो लगा रहे हैं कहीं उसमें लेड या जहरीला केमिकल तो नहीं है. अगर है, तो इसका पता कैसे चले? इस सवाल का जवाब हम आपको एक्सपर्ट्स के हवाले से बताएंगे.

चेहरे की क्रीम  खरीदते समय आप क्रीम पर लिखे इंग्रीडिएंट्स से कुछ चीजों का पता लगा सकते हैं. अगर किसी क्रीम पर Mercurous Chloride, Calomel, Mercuric, या Mercurio लिखा हो तो उसे न लें. क्रीम में अगर पैरबेंस मौजूद है तो भी इसको नहीं लेना चाहिए. पैराबेंस का पता लगाने के लिए आप क्रीम पर देखें कि उसमें कहीं ropylparaben, या Butylparaben तो नहीं लिखा है. अगर ये लिखा है तो भी क्रीम को न लें, क्योंकि ये पैराबेंस होते हैं. 

पैराबेंस स्किन के लिए कैसे है खतरनाक

मैक्स हॉस्पिटल में डर्मेटोलॉजी विभाग में डॉ. सौम्या सचदेवा बताती हैं कि पैराबेंस वाली क्रीम अगर स्किन पर लगाते हैं तो ये स्किन के अंदर से ब्लड में जा सकते हैं. इससे  हार्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है. कुछ मामलों में स्किन पर जलन और एलर्जी भी हो जाती है. मेडिकल जर्नल द लैंसेट की रिसर्च बताती है कि पैराबेन से एक्जिमा, डर्मेटाइटिस और सोरायसिस जैसी स्किन की समस्या और भी गंभीर हो सकती है.

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यह भी पढ़ें: भारत में बिक रही पाकिस्तान की इन ब्यूटी क्रीमों पर CDSCO का हेल्थ अलर्ट, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे इस्तेमाल?

लैब टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन मार्क देखें

क्रीम खरीदते समय ये देखें कि ये  नेशनल सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को पूरा करती है या नहीं, यह देखने के लिए पैक पर ये सर्टिफिकेशन ढूंढें. क्रीम लपर Tested,Toxic-Free / Made Safe सर्टिफिकेशन हो तो बहुत अच्छा है. इस बात का भी ध्यान रखें कि तेज खुशबू क्रीम से बचें. अगर क्रीम में बहुत तेज या अजीब सी खुशबू आ रही है, तो उसमें थैलेट्स  या सिंथेटिक केमिकल हो सकते हैं. सड़क किनारे मिलने वाली, बाजारों में रेहड़ी पर बिकने वाली क्रीम अगर किसी फेमस ब्रांड कि भी है तो उससे बिलकुल मत खरीदें, हमेशा ब्रांडेड क्रीम को दुकान से ही लें. 

यह भी पढ़ें: इंसुलिन और वजन घटाने वाली दवाओं की बड़ी खेप चोरी, CDSCO ने जारी की चेतावनी

ऐसे करें खुद से टेस्ट

आप खुद भी एक छोटा सा टेस्ट कर सकते हैं. अपने हाथ पर थोड़ी सी क्रीम लगाएं.उसके ऊपर सोने की अंगूठी या कोई सोने की चीज रगड़ें. अगर क्रीम का रंग काला या गहरा ग्रे होने लगे, तो समझ जाएं कि उसमें लेड या भारी धातु मौजूद हैं.
 

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