त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने हॉलमार्किंग चार्ज को बढ़ा दिया है. इसमें 67 फीसदी का इजाफा हुआ है. पहले यह चार्ज 45 रुपये का था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 75 रुपये कर दिया गया है.
हॉलमार्किंग फीस सोने के गहनों और आर्टवर्क पर लगती हैं. प्रति आर्टिकल ₹45 की जगह ₹75 देने होंगे. यह बदलाव बीआईएस (हॉलमार्किंग) संशोधन नियम, 2026 के तहत लागू हुआ है. हालांकि, इस फीस बढ़ोतरी का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ग्राहकों को ₹30 का अतिरिक्त शुल्क देना ही पड़ेगा.
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
यह चार्ज सुनार को ही देने होते हैं. ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं होता है. ₹75 की फीस ज्वैलर्स द्वारा हॉलमार्किंग सेंटर्स को दी जाएगी. सरकारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सीधे तौर पर कस्टमर से ये चार्ज नहीं लिया जाना चाहिए.
कैसे कस्टमर से वसूल सकते हैं चार्ज?
ज्वैलर्स चाहें तो इस ₹30 के अतिरिक्त खर्च को खुद वहन कर सकते हैं या फिर इसे गहनों की मेकिंग चार्ज और ओवरऑल प्राइसिंग में जोड़ सकते हैं.
बीआईएस को कितनी रकम मिलेगी?
सरकारी नोटिफिकेशन में यह भी तय किया गया है कि हॉलमार्किंग सेंटर्स द्वारा BIS को सोने के प्रति आर्टिकल पर ₹7.50 (न्यूनतम ₹20 प्रति कंसाइनमेंट) और चांदी पर प्रति आर्टिकल ₹3.50 (न्यूनतम ₹15 प्रति कंसाइनमेंट) देना होगा. टैक्स अलग से लिया जाएगा.
इन दरों में नहीं किया गया बदलाव
कंसाइनमेंट की न्यूनतम फीस ₹200 बनी रहेगी. एक कंसाइनमेंट पर कम से कम 200 रुपये ही देने होंगे. वहीं चांदी के नियमों में भी बदलाव नहीं किया गया है. चांदी की वस्तुओं के लिए हॉलमार्किंग फीस ₹35 प्रति आर्टिकल पर स्थिर रखी गई है और इसके लिए कंसाइनमेंट चार्ज 150 रुपये है.