हार्ट की नसों में ब्लॉकेज को ठीक करने के लिए हार्ट में स्टेंट डाला जाता है, लेकिन स्टेंट की जरूरत हर मामले में नहीं होती है. कब इसकी जरूरत होती है और कब दवाओं से काम चल सकता है यह जानना जरूरी है. कार्डियोलॉजिस्ट बताते हैं कि स्टेंट लगाने का फैसला केवल ब्लॉकेज कितना है इसके आधार पर नहीं, बल्कि मरीज के लक्षण, हार्ट में ब्लड सर्कुलेशन की स्थिति और कई दूसरी चीजें देखकर भी किया जाता है.
कुछ मामलों में तुरंत स्टेंट डालने की जरूरत पड़ती है तो कुछ में केवल दवाओं से ही काम चल सकता है. इस बारे में मेदांता मेडिसिटी मूलचंद अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार ने बताया है. डॉ कुमार बताते हैं कि अगर किसी मरीज के हार्ट की नसों में 50 फीसदी से कम ब्लॉकेज है, तो अधिकतर मामलों में स्टेंट लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है. ऐसे मरीजों में इलाज दवाओं और अच्छे खानपान से किया जाता है. इनको सिगरेट या शराब अगर पीते हैं तो यह छोड़ने की सलाह भी दी जाती है, हालांकि 50 फीसदी से कम ब्लॉकेज में हार्ट अटैक आने की आशंका कम होती है, ऐसे लोगों की पहचान तब होती है जब एंजियोग्राफी जांच की जाती है.
50 से 69 फीसदी ब्लॉकेज में भी हर मरीज को स्टेंट नहीं लगता
डॉ तरुण बताते हैं कि जब ब्लॉकेज 50 से 69 फीसदी के बीच होती है, तब केवल एंजियोग्राफी की रिपोर्ट देखकर या ब्लॉकेज का % देखकर स्टेंट लगाने का निर्णय नहीं लिया जाता. अगर मरीज को सीने में दर्द, सांस फूलना या अन्य लक्षण नहीं हैं और हार्ट में ब्लड सर्कुलेशन ठीक है तो दवाओं से इलाज जारी रखा जा सकता है. ऐसे मामलों में डॉक्टर स्ट्रेस टेस्ट, एफएफआर या आईएफआर जैसी जांचों की मदद से यह पता लगाते हैं कि ब्लॉकेज वास्तव में ब्लड सर्कुलेशन पर कितना असर डाल रही है. अगर इन जांचों में खून के फ्लो में महत्वपूर्ण कमी मिलती है, तभी स्टेंट लगाने पर विचार किया जाता है.
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70 से 89 फीसदी ब्लॉकेज में बढ़ जाती है स्टेंट की संभावना
अगर ब्लॉकेज 70 से 89 फीसदी तक पहुंच चुकी है और मरीज को बार-बार सीने में दर्द, चलने पर तकलीफ या हार्ट में खून की कमी (इस्कीमिया) के संकेत मिल रहे हैं, तो स्टेंट लगाने की सलाह दी जाती है. खासकर अगर ब्लॉकेज हार्ट की प्रमुख कोरोनरी आर्टरी में हो, तो स्टेंट डाला जाता है. हालांकि, कुछ ऐसे मरीज जिनकी स्थिति स्थिर है और जिनमें लक्षण नहीं हैं, उन्हें डॉक्टर दवाओं और नियमित निगरानी के साथ कंट्रोल कर सकते हैं.
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90 फीसदी या उससे अधिक ब्लॉकेज में अक्सर स्टेंट की जरूरत पड़ती है
जब ब्लॉकेज 90 से 99 फीसदी तक पहुंच जाती है, तो हार्ट की नस लगभग बंद होने की स्थिति में होती है. ऐसे में अगर मरीज को लगातार लक्षण हैं, हार्ट में खून की कमी के संकेत हैं या वह हार्ट अटैक आ चुका है, तो तुरंत स्टेंट लगाया जाता है.
एंजियोप्लास्टी की कब पड़ती है जरूरत
डॉ तरुण बताते हैं कि अगर मरीज को एक्यूट हार्ट अटैक हुआ है, तो ऐसी स्थिति में आपातकालीन एंजियोप्लास्टी और स्टेंट जीवनरक्षक साबित हो सकते है.