आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग थकान महसूस करते हैं. खासकर अगर आप डेस्क जॉब करते हैं तो दोपहर तक आते आते भी थकावट हो जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दोपहर की झपकी यानी हल्की नींद दिमाग को रीसेट करने में काफी फायदेमंद है. ये आपके दिमाग को दोबारा तरोताजा और तेज बना सकती है. यह दावा न्यूरोलॉजी जर्नल न्यूरोइमेज में किया गया है.
जब हम सुबह से दोपहर तक लगातार काम करते हैं, तो हमारा दिमाग लगातार नई जानकारियों को प्रोसेस करता रहता है. इससे दिमाग के न्यूरॉन कनेक्शंस जरूरत से ज्यादा हो जाते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दिमाग एक साथ कई तरह की एक्टिविटी कर रहा होता है जिससे वह थक जाता है. जैसे मोबाइल में बहुत सारी ऐप्स एक साथ खुलने पर फोन हैंग होने लगता है, ठीक वैसा ही असर हमारे दिमाग पर भी पड़ता है.
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क्या कहती है रिसर्च?
रिसर्च के मुताबिक, दोपहर की छोटी सी नींद हमारे दिमाग के लिए 'मास्टर रीसेट बटन' की तरह काम करती है. जब कोई व्यक्ति दोपहर में छोटी सी झपकी लेता है, तो इससे दिमाग की सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी फिर से रीसेट हो जाती है. इससे दिमाग पर पड़ रहा एक्सट्रा प्रेशर धीरे- धीरे कम होने लगता है. दोपहर की नींद दिमाग के ओवरलोडेड कनेक्शंस को भी शांत करती है और मानसिक तनाव को भी कम करने में मदद करती है. हालांकि रिसर्च में कहा गया है कि दोपहर में केवल कुछ मिनटों की नींद ही ज्यादा फायदेमंद है. ज्यादा सोना या कई घंटों तक सोने उतना ठीक नहीं है. दिन में अधिक देर तक सोने से रात को सही समय पर नींद नहीं आती है, जिससे नींद खराब होती है.
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दोपहर में 15 से 30 मिनट की नींद फायदेमंद
रिसर्च में बताया गया है कि दोपहर में 15 मिनट की नींद फायदेमंद है. इससे फोकस और याददाश्त तेज होती है. दोपहर में 15 मिनट की नींद से एकाग्रता और सोचने-समझने की क्षमता बेहतर होती है।.इससे मानसिक सुस्ती खत्म होती है और इंसान शाम तक ऊर्जावान महसूस करता है