
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इसमें पीएम मोदी एक चलती हुई ट्रेन की तरफ हाथ हिलाते हुए नजर आ रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि इस ट्रेन के अंदर कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था, और पीएम मोदी एक खाली ट्रेन को देखकर हाथ हिला रहे थे.
कुछ लोग वीडियो को शेयर करते हुए पीएम पर तंज भी कस रहे हैं. एक्स पर एक व्यक्ति ने इसे शेयर करते हुए लिखा, “वो अलग ही लेवल का बंदा था. बिना सवारी की ट्रेन को भी बाय-बाय करता था.”
इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि इस वीडियो में पीएम मोदी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखा रहे थे, और ट्रेन के अंदर लोग मौजूद थे.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर पता चला कि ये हरियाणा का है, जहां 17 जुलाई को पीएम मोदी ने जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी. ये ट्रेन जींद से सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी.
प्रधानमंत्री के फेसबुक अकाउंट पर वायरल वीडियो का बेहतर क्वालिटी वाला वर्जन मौजूद है. इसमें ट्रेन के अंदर बैठे लोग साफ नजर आ रहे हैं. कुछ लोग तो ट्रेन की खिड़की से पीएम को अपने कैमरे में कैद करते हुए भी दिखाई देते हैं.

PIB India ने 17 जुलाई को इसी कार्यक्रम का एक वीडियो शेयर किया था. इसमें ट्रेन अंदर बैठे कुछ स्कूली बच्चे भी देखे जा सकते हैं. इसके अलावा डीडी न्यूज हरियाणा ने भी इस ट्रेन के अंदर बैठे बच्चों का वीडियो शेयर किया था. उत्तरी रेलवे, ऑल इंडिया रेडियो न्यूज और आकाशवाणी समाचार ने भी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में सफर कर रहे बच्चों का रिएक्शन शेयर किया था.
ऐसे ही एक वीडियो में एक स्कूली छात्रा कहती है, “हेलो एवरीवन, मेरा नाम नव्या है. मैं इंडस पब्लिक स्कूल, जींद से हूं. आज मैं बहुत खुश हूं क्योंकि मैं इंडिया की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में ट्रैवल कर रही हूं. मैं सोचती हूं कि ये जो इनिशिएटिव है, ये बहुत ज्यादा सक्सेसफुल होगा क्योंकि ये एशिया की सबसे पहली ट्रेन है जो हाइड्रोजन फ्यूल से चलेगी. तो मैं बहुत ज्यादा खुश हूं और मैं अपने स्कूल वालों का बहुत शुक्रिया करना चाहती हूं कि उन्होंने मुझे ये मौका दिया.”
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए आप यहां क्लिक करके हमारी खबर पढ़ सकते हैं.
साफ है, कि ट्रेन में लोग सफर कर रहे थे, और वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावे एकदम बेबुनियाद हैं.