इंडियन टीवी के 'वन एंड ओनली' दबंग होस्ट सलमान खान का इंडस्ट्री में दबदबा है. बिग बॉस में उन्होंने बड़े-बड़ों की गेम को लेकर क्लास लगाई है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा था खान खानदान का कोई मेंबर किसी रियलिटी शो में कंटेस्टेंट बनकर आएगा? नहीं ना.. अब तक जो नहीं हुआ, वो अमेजन प्राइम के रियलिटी शो 'द अलायंस' ने करके दिखाया. शो में सलमान के लाडले भाई सोहेल ने पार्टिसिपेट किया है.
सोहेल की धमाकेदार एंट्री, फिर...
अलायंस को एलीट और क्लासी रियलिटी शो कहा जा रहा है. जो लड़ाई-झगड़े का नहीं बल्कि माइंड गेम, स्ट्रैटिजी और इंटेलीजेंस का गेम है. अलायंस में सोहेल मिड में जुड़े. उनके शो में आने से पहले लोगों को कहना था सोहेल का दमखम दिखेगा. वो अपने गेम से सबके होश उड़ाएंगे. उनकी चिल और फनी पर्सनैलिटी गेम को मजेदार बनाएगी. लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट.
स्क्रीन पर सोहेल को देखकर जैसी कल्पना ऑडियंस ने की थी, वो उससे विपरीत दिखे. उनका शो में चिल मूड ही दिखा. ऐसा लगा मानो वो रियलिटी शो में चिल-पिल ही करने आए हैं. गेम और स्ट्रैटिजी से उनका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं दिखा. हैरानी वाली बात है कि सोहेल फिनाले वीक में बिना किसी स्ट्रॉन्ग गेम, माइंडब्लोइंग ट्विस्ट, बड़े फैसलों और रणनीति के पहुंच गए हैं. कंटेस्टेंट्स सोहेल की आवभगत करने और उन्हें इज्जत नवाजने में ज्यादा बिजी दिखे.
सोहेल के गेम में कहां रही कमी?
सोहेल के गेम में कमी निकालने की जरूरत ही नहीं पड़ी, क्योंकि उन्होंने कोई गेम ही नहीं खेला. वो अपना जिम करते, डाइट लेते, कंटेस्टेंट्स संग चिल करते. हां टास्क के टाइम पर जरूर एक्टिव हो जाते. इंजरी न होने पर फिजीकल टास्क करते. उसे जीतने में अपना बेस्ट देते. कभी-कभी टास्क के दौरान कंफ्यूज हो जाते. गेम में उनकी फिजीकल स्ट्रेंथ जरूर काम आती, लेकिन स्ट्रैटिजी बनाने, गेम को लीड करने, इंटेलीजेंस बेस्ड टास्क में वो पीछे रहे. इसलिए किसी भी टीम के लिए वो असेट साबित नहीं हुए.
2-3 कंटेस्टेंट्स को छोड़कर हर कोई उन्हें अपनी टीम में लेने से कतराता नजर आया. कभी वो टीम की मजबूरी बने तो कभी बोझ. लेकिन सोहेल खान बुरा ना मान जाएं इसलिए कोई उनसे खुलकर कुछ नहीं कहता. इसकी दूसरी वजह सोहेल खान का जरूरत से ज्यादा सबके साथ अच्छा होना भी नजर आया. कोई उनका दिल नहीं दुखाना चाहता है. सोहेल के गेम में सबसे बड़ी कमी उनका लो मोराल, गेम को लेकर नो पैशन और लो फाइटिंग स्प्रिटि बना. वो किसी के मुद्दों में नहीं पड़ते. उन्होंने गेम में अपना कोई स्टैंड नहीं रखा. जो उन्हें अपनी टीम में रखता, वो उसकी टीम में चले जाते. कभी अपने गेम को स्ट्रॉन्ग बनाने की कोशिश नहीं की.
गेम में बाल-बाल बचे सोहेल
गौर करने वाली बात ये है कि सोहेल को गेम में ऑडियंस ने नहीं बल्कि कंटेस्टेंट्स ने सेफ किया है. बाकी रियलिटी शो में एविक्शन का फैसला जनता के वोट तय करते हैं. लेकिन इस गेम में बॉटम में गई टीम में से कौन नॉमिनेट और कौन डिलीट होगा, ये कंटेस्टेंट्स तय करते हैं. सोहेल को डिलीट लिस्ट में आज तक किसी ने नहीं डाला.
ऐसा नहीं है सोहेल से पहले किसी कंटेस्टेंट्स ने सेफ गेम नहीं खेला. बिग बॉस में ऐसे कई खिलाड़ी रहे, जो बिना कुछ किए फिनाले में पहुंचे या जीते. लेकिन गेम में एक पॉइंट बाद उस शख्स के गेम को लोगों ने कॉलआउट किया है. उसे विरोध झेलना पड़ा है. लेकिन मजाल है अलायंस में किसी ने सोहेल पर कभी कोई सवाल उठाए हो. हालिया एपिसोड में अर्सलान गोनी ने सोहेल खान को बार-बार गेम अच्छे से खेलने को कहा था. बस इतने में सोहेल ऑफेंड हो गए. वो इरिटेट होकर शो छोड़ने की बात करने लगे. जबकि यहां अर्सलान फॉल्ट पर नहीं थे. अगर शो में अर्सलान से पहले किसी ने गेम की खातिर अपनी बुलंद आवाज उठाई होती तो सोहेल कबका डिलीट हो चुके होते.
सलमान की वजह से चुप रहे कंटेस्टेंट्स?
खान परिवार का एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में क्या दबदबा है, ये बात किसी से छिपी नहीं है. सलमान की दबंगई और परिवार के लिए उनका प्यार सबने देखा है. सोशल मीडिया पर सोहेल के गेम प्ले को लेकर कई सवाल उठे हैं. अगर सोहेल, खान परिवार या सलमान के भाई न होते, क्या तब भी उनके खिलाफ आवाज नहीं उठती? सच ये है कि पहले ही वीक में उठ गई होती. जिस तरह से अलायंस के हेडक्वार्टर में कंटेस्टेंट्स सोहेल को वीआईपी ट्रीटमेंट दे रहे हैं शायद वो नहीं देते. 'जी भाई.. जी भाई' करके उनके आगे पीछे नहीं घूमते. इसे सलमान का स्टार पावर कहा जा सकता है कि किसी ने सोहेल को गलत नहीं बोला, ना ही उनकी आलोचना की.
गेम नहीं सोहेल ने जीते दिल
गेम पॉइंट ऑफ व्यू से सोहेल भले ही वीक थे. लेकिन इतना जरूर है उनकी शख्सियत इस शो का बिग हाईलाइट रही है. किसी ने नहीं सोचा था वो इतने शांत होंगे. इतना कम बोलते होंगे. सोहेल ने शो में जितनी भी बातें कीं, वो लोगों का दिल जीतकर ले गई. वो पॉजिटिविटी के सोर्स हैं. ऑडियंस उनके गेम की भले फैन ना बने, लेकिन उनकी मासूमियत, विनम्रता और नेकदिली ने सबका हार्ट टच किया है. शायद सोहेल को इतना नरम देख कंटेस्टेंट्स के दिल में उनके लिए बस प्यार ने जगह बनाई, सवालों ने नहीं. क्योंकि सोहेल का प्यारा नेचर और इंसानियत गेम में सबसे ऊपर दिखा.