राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर के आस-पास मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है. इस बीच दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बस में भरकर ले जाती नजर आई. लेकिन जैसे ही पुलिस की बस चलने लगी, तभी एक लड़की बस के आगे आकर खड़ी हो गई और उसने पुलिस की बस को रोकने की कोशिश की.
पुलिस की बस रोकते हुए लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो गया, जिसे देखकर लोगों को रिया अहीर की याद गई, क्योंकि NEET प्रदर्शन के दौरान मुंबई में पुलिस वैन रोककर ही वो वायरल हुई थीं. दिल्ली में पुलिस की बस रोकने वाली लड़की आखिर कौन है? चलिए जानते हैं.
कौन है दिल्ली पुलिस की बस रोकने वाली इंफ्लुएंसर?
बता दें कि रिया अहीर के बाद उन्ही के स्टाइल में पुलिस की बस रोकने वाली लड़की का नाम दरीज गौर (Dareez Gaur) है. वो पेशे से एक कंटेंट क्रिएटर हैं. पुलिस की बस रोकते हुए जैसे ही उनके वीडियो वायरल हुए तो लोगों ने उनकी वाहवाही करने के बजाए उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. कई लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने रिया अहीर की तरह फेमस होने के लिए उन्हें कॉपी किया है.
ट्रोलिंग पर अब दरीज गौर ने चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो शेयर करके अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने जो किया उसका उन्हें कोई पछतावा नहीं है. उन्हें पता था कि उनके पास ऐसा कदम उठाने का अधिकार है, क्योंकि उन्हें भरोसा था कि पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करने से पहले दो बार सोचेगी.
क्या बोलीं दरीज?
दरीज अपनी सफाई में कहती दिखीं- पिछले 2 दिनों से मेरी एक वीडियो क्लिप वायरल हो रही है, जिसमें मैंने दिल्ली पुलिस की बस को रोका था. इस बस में पुलिस प्रोटेस्टर्स को ले जी रही थी. जब मैं जंतर मंतर प्रदर्शन करने पहुंची थी, तब मैंने देखा था कि और भी कई लोग बस के सामने आकर उसे रोकने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन उन सभी लोगों को पुलिस ने बस में बंद कर दिया था. लेकिन मुझे पता था कि पुलिस मुझे टच करने से पहले दो बार सोचेगी. इसलिए मैं वहां बस के आगे जाकर खड़ी हुई और मैंने कम से कम 10 मिनट के लिए उस बस को रोका था.
दरीज ने वीडियो में आगे बताया कि वो कम से कम 30 बार जंतर मंतर के प्रदर्शन में शामिल हो चुकी हैं. लेकिन ये पहली बार है, जब वो वायरल हुईं. दरीज ने उन्हें ट्रोल करने वालों से सवाल किया- अगर इतना ही आसान है अटेंशन लेना तो फर आप भी खड़े होकर दिखाइए.
दरीज आगे बोलीं- वोट करना और प्रदर्शन करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है, जो हमसे कोई भी नहीं छीन सकता. उन्होंने अंत में कहा कि अगर उन्हें अपने अधिकारों के लिए खड़े होना जरूरी लगेगा, तो वो दोबारा यही कदम उठाएंगी. वो बोलीं- मुझे इस घटना का कोई अफसोस नहीं है. मैं अपने अधिकारों के लिए एक नहीं 10 बसें रोक सकती हूं.