इंडियन थिएटर्स में इन दिनों हॉरर फिल्मों का भौकाल देखने लायक है. बीते शुक्रवार थिएटर्स में 6 नई फिल्में रिलीज हुईं, जिसमें बॉलीवुड की 4 और हॉलीवुड की 2 फिल्में थीं. लेकिन इन सब में से, सबसे दमदार वीकेंड बिजनेस ऐसी फिल्म का रहा जिससे किसी को कोई खास उम्मीद नहीं थी— विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म हॉन्टेड 3डी: ईकोज ऑफ द पास्ट. लेकिन यह बॉलीवुड हॉरर फिल्म भी वीकेंड में ऐसा बिजनेस नहीं कर पाई, जैसा तीसरे हफ्ते में चल रही हॉलीवुड हॉरर फिल्म ऑब्सेशन ने किया.
जबकि नई फिल्मों की भीड़ में आई हॉलीवुड की नई हॉरर फिल्म बैकरूम्स ने भी लिमिटेड शोज के बावजूद वीकेंड में कुछ नई बॉलीवुड फिल्मों से अच्छा बिजनेस किया. इससे एक बड़ा सवाल उठता है— क्या बॉलीवुड फिल्में इंडियन दर्शकों की हॉरर फिल्मों की भूख को पूरा करने में नाकाम हो रहा है? क्या बॉलीवुड दमदार हॉरर फिल्मों की डिमांड का हिंट समझने में पिछड़ गया, जो दर्शकों का हॉरर प्रेम हॉलीवुड के पाले में जाकर गिर रहा है?
लॉकडाउन के बाद से ही जनता का फिल्में देखने का स्वाद बदला है. इस बदलाव में हॉरर की तरफ दर्शकों का झुकाव भी काफी पहले दिखने लगा था. अपने आजमाए हुए फॉर्मूले, हॉरर-कॉमेडी में ही खेलते रहे बॉलीवुड ने साइकोलॉजी, माइथोलॉजी या सुपरनेचुरल हॉरर को एक्सप्लोर करने में कुछ खास एक्साइटमेंट नहीं दिखाई.
इसलिए फ्रेंचाइजी या सीक्वल फिल्में तो कामयाब होती रहीं. मगर सीरियस हॉरर के लिए दर्शक ओटीटी पर हॉलीवुड ही नहीं दुनिया भर की फिल्में देखते रहे. लॉकडाउन के बाद हॉरर के मामले में भरोसेमंद हॉलीवुड फिल्मों को इंडियन थिएटर्स में भी दर्शक मिलने लगे. 2023 में ईविल डेड राइज़ (2023) और द नन 2 (2023) लिमिटेड रिलीज के बावजूद इंडिया में बड़ी हिट साबित हुईं. इसी बीच बॉलीवुड की सीरियस हॉरर फिल्म 1920: हॉरर्स ऑफ द हार्ट (2023) भी सरप्राइज हिट साबित हुई थी.
2024 में हॉलीवुड की दो हॉरर फिल्में अ क्वाइट प्लेस: डे वन (2024) और द फर्स्ट ओमेन (2024) गिनती के शोज में भी दर्शक जुटाने में कामयाब रहीं. उस साल अजय देवगन की शैतान (2024) बॉलीवुड से एक अच्छी साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म बनकर आई. 150 करोड़ रुपये नेट कलेक्शन के साथ यह लॉकडाउन के बाद अजय की सबसे बड़ी हिट्स में से एक है.
शैतान जिस हिट गुजराती फिल्म वश का हिंदी रीमेक थी, उसका सीक्वल वश लेवल 2 (2025) डायरेक्ट हिंदी डबिंग के साथ थिएटर्स में रिलीज हुआ. गुजराती इंडस्ट्री की सबसे बड़ी हिट्स में से एक इस फिल्म ने हिंदी में भी अच्छा बिजनेस किया था. 2025 में काजोल की हॉरर फिल्म मां (2025) AI की हेल्प से बने विजुअल्स के बावजूद सरप्राइज हिट बनी. यह अपने आप में ओरिजिनल, सीरियस हॉरर फिल्मों की डिमांड का सबूत था.
पिछले साल की ऑस्कर विनर सिनर्स (2025), 250-300 स्क्रीन्स के साथ, कई फिल्मों के बीच इंडिया में रिलीज हुई और 10 करोड़ रुपये का ठीक-ठाक बिजनेस बटोर ले गई. 2025 में ही वेपन्स (2025) और अनटिल डॉन (2025) जैसी छोटी रिलीज वाली हॉलीवुड फिल्मों को तो दर्शक मिले ही, फाइनल डेस्टिनेशन ब्लडलाइन्स (2025) ने 75 करोड़ रुपये ग्रॉस कलेक्शन से इंडियन बॉक्स ऑफिस पंडितों को चौंका दिया. इससे भी एक कदम आगे निकली द कॉन्जुरिंग लास्ट राइट्स (2025) ने भारत में 100 करोड़ रुपये ग्रॉस कलेक्शन कर डाला था.
इस साल, पहले 6 महीनों में ही द ममी (2026) इंडिया में बड़ी हिट साबित हो चुकी है. ऑलमोस्ट तीन हफ्ते पुरानी ऑब्सेशन ने बीते वीकेंड 4 बॉलीवुड और दो नई हॉलीवुड फिल्मों से तगड़ा बिजनेस किया है, और 100 करोड़ रुपये ग्रॉस कलेक्शन की तरफ बढ़ रही है.
दुनियाभर में जमकर तारीफें बटोर रही हॉलीवुड हॉरर फिल्म बैकरूम्स पिछले शुक्रवार को नई फिल्मों की भीड़ में आई. इसे वीकेंड में डेली 900 से भी कम शोज मिले हैं और फिर भी यह इंडिया में करीब 4 करोड़ रुपये नेट कलेक्शन कर चुकी है, जो इसी के साथ आई बॉलीवुड रिलीज मनोज बाजपेयी की फिल्म गवर्नर से ज्यादा है.
इधर बॉलीवुड की सीरियस हॉरर फिल्म हॉन्टेड 3डी रिटर्न्स सरप्राइज बिजनेस कर रही है और जल्द ही हिट कहलाने लगेगी. इंडियन दर्शकों ने लगातार साबित किया है कि वो अच्छी हॉरर फिल्मों के टिकट खरीदने के लिए तैयार बैठे हैं. लेकिन बॉलीवुड है कि हॉरर-कॉमेडी से ऊपर उठकर, हॉरर के दूसरे एंगल एक्सप्लोर करने के लिए तैयार ही नहीं है. देखना है कि हॉलीवुड फिल्मों की यह धमाकेदार सक्सेस देखने के बाद भी बॉलीवुड की नींद खुलती है या नहीं.