18 अक्टूबर को मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर हुई अचानक फायरिंग ने हर ओर हड़कंप मचा दिया है. टाइगर पर हुई फायरिंग से जुड़ी कई कहानियां सामने आ रही हैं. अब अभिनेता समीर कोचर ने फायरिंग से जुड़ा अपना वर्जन सुनाया है. जानते हैं कि टाइगर पर हुई फायरिंग को लेकर एक्टर का क्या कहना है.
फायरिंग का अनसुना किस्सा
समीर कोचर मुंबई के जुहू स्थित एक फुटबॉल ग्राउंड में अपनी बेटी सारा का नौवां जन्मदिन मना रहे थे, तभी अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी. रविवार का खुशियों भरा दिन अचानक एक डरावनी घटना में बदल गया. इसी ग्राउंड के बगल वाले हिस्से में फुटबॉल खेल रहे टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की गई थी. हालांकि एक्टर सुरक्षित रहे, लेकिन इस हमले में उनके ड्राइवर को चोट आई थी.
इंडिया टुडे से बात करते हुए समीर ने बताया कि जब टाइगर वहां से निकले, तब बर्थडे पार्टी लगभग खत्म होने वाली थी. समीर ने कहा कि त्योहारों के मौसम के कारण शुरुआत में गोलियों की आवाज पटाखों जैसी लगी. जब गेट पर मौजूद लोग चिल्लाने लगे, तब उन्हें समझ आया कि कुछ गंभीर हुआ है.
समीर ने कहा- टाइगर और उनकी पूरी टीम पहले अंदर आई थी. उन्होंने सभी बच्चों से मुलाकात की, मेरी बेटी से भी मिले, और फिर गेम के लिए निकल गए. पार्टी लगभग खत्म होने वाली थी, तभी टाइगर वापस आए, कुछ और बच्चों से मिले और कुछ तस्वीरें भी खिंचवाईं. फिर मैंने पूछा, ‘कुछ खाना चाहोगे?’ लेकिन वो हमेशा की तरह सख्त डाइट पर थे, इसलिए उन्होंने मना कर दिया और अपनी गाड़ी में बैठकर मेरे सामने से निकल गए.
समीर ने बताया कि टाइगर की गाड़ी अभी थोड़ी ही दूर निकली थी कि उन्हें तेज आवाजें सुनाई दीं. त्योहारों का वक्त है इसलिए शुरुआत में किसी को गोलीबारी का शक नहीं हुआ.
30 सेकेंड का खेल
समीर ने कहा कि करीब 30 सेकंड बाद गेट पर मौजूद लोग, जिन्होंने पूरा मंजर देखा था, चिल्लाने लगे कि टाइगर को गोली मारी गई है और गोलियां चलाई गई हैं. हम सब दौड़कर गेट की ओर गए. उस वक्त टाइगर की गाड़ी तेजी से निकल चुकी थी, लेकिन जो हुआ, उसे देखकर हम सब स्तब्ध रह गए. अचानक हुई इस हलचल से जन्मदिन पार्टी में मौजूद बच्चे डर गए और घबरा गए. समीर ने बताया कि कुछ माता-पिता अभी तक नहीं पहुंचे थे, इसलिए बड़ों को स्थिति संभालनी पड़ी और बच्चों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया. बंटी सजदेह पहले पुलिस स्टेशन गए और फिर टाइगर के पास पहुंचे.
समीर ने कहा कि पिछले पांच-छह साल से यह ग्रुप हर रविवार फुटबॉल खेलने के लिए मिलता रहा है. उन्होंने कहा कि किसी को भी ये अंदाजा नहीं था कि ऐसा कुछ हो सकता है. उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि इस घटना के बारे में पहले से कोई सूचना क्यों नहीं मिली थी. उन्होंने कहा, “इस वक्त लोग इस बात के लिए शुक्रगुजार हैं कि उन्हें कुछ नहीं हुआ. मैं खुद भी बहुत खुश हूं कि मेरे हिसाब से सभी बच्चे सुरक्षित हैं.
समीर ने कहा कि ग्राउंड पर मौजूद कुछ लोगों ने हमलावरों को देखा भी था, लेकिन घटना इतनी तेजी से हुई कि सभी को इसकी गंभीरता तुरंत समझ नहीं आई