टीवी एक्ट्रेस और मशहूर कंटेंट क्रिएटर संभावना सेठ और उनके पति अविनाश द्विवेदी ने हाल ही में अपने फैंस के साथ एक ऐसी खौफनाक आपबीती शेयर की है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है. अपनी हाउस हेल्प की बहन को बंधक बनाए जाने और उसे दरिंदगी से बचाने के चक्कर में इस कपल को पूरी रात मुंबई के पुलिस स्टेशन में गुजारनी पड़ी.
दरअसल संभावना और अविनाश ने अपने यूट्यूब ब्लॉग के जरिए खुलासा किया कि कैसे एक महिला को जबरन घर में कैद रखकर उससे जानवरों की देखभाल कराई जा रही थी, उसे प्रताड़ित किया जा रहा था और जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं. इस मुश्किल वक्त में संभावना और अविनाश उस लड़की के लिए ढाल बनकर खड़े हुए और बेहद मशक्कत के बाद उसे सही-सलामत पुलिस की मदद से रेस्क्यू कराया.
हाउस हेल्प की बहन को बनाया बंधक
घटना की शुरुआत तब हुई जब संभावना सेठ की हाउस हेल्प गुड़िया अचानक रोने लगी. जब संभावना ने उससे रोने की वजह पूछी, तो उसने एक खौफनाक सच का खुलासा किया. गुड़िया ने बताया कि उसकी सगी बहन मुंबई के खारघर इलाके में एक कपल के घर पर काम करने गई थी. एक एजेंसी के जरिए वहां लगी इस लड़की को शुरुआत में बड़े प्यार से रखा गया, लेकिन जल्द ही उसे बंधक बना लिया गया. गुड़िया ने रोते हुए संभावना से कहा कि उसकी बहन वहां बुरी तरह फंस गई है और उसे जान से मारने की धमकी मिल रही है, कृपया उसे बचा लीजिए.
अविनाश द्विवेदी ने वीडियो में बताया कि जिस घर में गुड़िया की बहन काम करने गई थी, वहां 5 कुत्ते और 13 बिल्लियां पिंजरे में बंद थीं. लड़की को असल में इन बेजुबानों की देखभाल के लिए ही रखा गया था. लेकिन धीरे-धीरे उस पर काम का बोझ बेहिसाब बढ़ा दिया गया. जब लड़की ने इतना काम करने से मना किया, तो उस कपल (जिसमें महिला खुद को वकील बताती है) ने दावा किया कि उन्होंने एजेंसी को पैसे दिए हैं, इसलिए उसे काम करना ही पड़ेगा. हालांकि, एजेंसी का कहना था कि उन्हें कोई पैसा नहीं मिला है. इसके बावजूद उस लड़की को न सिर्फ जाने से रोका गया, बल्कि खाना देना बंद कर दिया गया और उससे दिन-रात जबरन काम कराया जाने लगा.
लड़की को बचाने के लिए संभावना ने तुरंत उस एजेंसी के लोगों को मकान मालिक के पास भेजा, लेकिन सोसायटी के वॉचमैन ने उन्हें अंदर ही नहीं जाने दिया. इसके बाद संभावना ने खुद उस मकान मालिक महिला से फोन पर बात की. जैसे ही उस महिला को पता चला कि फोन पर टीवी एक्ट्रेस संभावना सेठ बात कर रही हैं, उसके बात करने का लहजा ही बदल गया. हालांकि, वे लोग उस मासूम लड़की को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे. वे लगातार लड़की के साथ गाली-गलौज कर रहे थे और उसे जान से मारने की धमकियां दे रहे थे.
एनजीओ की मदद से हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
संभावना ने बताया कि उस कपल ने लड़की का पहचान पत्र (आईडी कार्ड) और उसके कपड़े तक छुपाकर रख लिए थे ताकि वो भाग न सके. लड़की बेहद डरी हुई थी. हालात बिगड़ते देख, एजेंसी के लोग उसी बिल्डिंग में रहने वाली एक एनजीओ की महिला के साथ किसी तरह घर के अंदर घुसे और काफी मशक्कत के बाद लड़की को वहां से निकालकर ले आए. जब लड़की को संभावना के घर लाया गया, तो उसकी मानसिक और शारीरिक हालत बहुत खराब थी. उसे लगातार डर लग रहा था कि वे लोग यहां आकर भी उसे मार डालेंगे.
पूरी रात पुलिस स्टेशन में बीती
शुरुआत में पुलिस से कोई खास मदद नहीं मिलने के कारण मामला काफी बढ़ गया था. लेकिन हद तब हो गई जब वो आरोपी कपल उल्टा उस पीड़ित लड़की पर ही झूठे इल्जाम लगाने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंच गया. इसके बाद संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी खुद आधी रात को बांगुर नगर पुलिस स्टेशन पहुंचे. दोनों ने पूरी रात पुलिस स्टेशन में बिताई और पुलिस को पूरी सच्चाई बताई. सुबह 8 बजे जाकर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की. संभावना की इस मदद पर उनकी हाउस हेल्प ने भावुक होकर कहा कि अगर आज संभावना दीदी और अविनाश भैया नहीं होते, तो उसकी बहन आज इस दुनिया में जिंदा नहीं बचती.