रामायण: पार्ट 1 का ट्रेलर देखने के बाद दर्शक कई पौराणिक किरदारों और जीवों को लेकर उत्सुक हैं, जो नितेश तिवारी के इस भव्य विजुअल शो में दिखाए गए हैं. सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले पलों में से एक है ऐरावत की झलक, जो भगवान इंद्र का दिव्य सफेद हाथी माना जाता है. ट्रेलर में ये सफेद हाथी रावण के साथ एक शानदार सीन में नजर आता है. आइए इसके बारे में और जानते हैं.
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऐरावत भगवान इंद्र का दिव्य हाथी है, जो देवताओं के राजा इंद्र का वाहन है. उसे आमतौर पर एक विशाल, चमकदार सफेद हाथी के रूप में बताया गया है और उसका संबंध बादलों, बारिश और इंद्र के स्वर्गीय लोक से माना जाता है.
विभिन्न परंपराओं में ऐरावत को अभ्रमातंग और नागयांति जैसे नामों से भी जाना जाता है. बारिश और आकाश से उसका संबंध इंद्र से उसकी नजदीकी को दिखाता है, जिन्हें वैदिक परंपरा में तूफान और वर्षा के देवता माना जाता है.
रामायण से ऐरावत का क्या संबंध है?
ऐरावत हिंदू पौराणिक कथाओं की व्यापक दिव्य दुनिया से जुड़ा है और मुख्य रूप से इंद्र से संबंधित है, ना कि रामायण का केंद्रीय पात्र है. लेकिन रामायण: पार्ट 1 के ट्रेलर में इसका दिखना कहानी को राम, सीता और रावण से आगे बढ़ाकर एक बड़े सिनेमाई संसार के रूप में पेश करता है. ट्रेलर में रावण को ऐरावत से लड़ते हुए दिखाया गया है. लंकेश को ऐसा शक्तिशाली योद्धा दिखाया गया है, जो स्वर्गीय ताकतों को भी चुनौती दे सकता है. ये भी कहा जा सकता है कि ट्रेलर में रावण को तीनों लोकों पर शासन करने वाला शासक दिखाया गया है, और ऐसे में किसी दिव्य पात्र से उसकी भिड़ंत उसका देवताओं को चुनौती देने का प्रतीक बन जाती है..
ट्रेलर में और क्या दिखा?
ट्रेलर की शुरुआत यश के रावण के इस दावे से होती है कि वो तीनों लोकों का राजा है. वो जब तबाही और विनाश फैलाता है, तब भगवान विष्णु संसार का संतुलन बनाए रखने और पृथ्वी की रक्षा करने के लिए राम के रूप में अवतार लेते हैं. इसके बाद ट्रेलर में रणबीर कपूर के राम की झलक मिलती है, जो राक्षसों से लड़ते हैं, अपने लोगों की रक्षा करते हैं, और फिर बड़े होकर सीता से विवाह करते हैं.
लेकिन राम और सीता का जीवन तब बदल जाता है जब राम को 14 साल का वनवास मिलता है. सीता, जिनका किरदार साई पल्लवी निभा रही हैं, और लक्ष्मण, जिनका किरदार रवि दुबे निभा रहे हैं, उनके साथ वनवास जाने का फैसला करते हैं. इसके बाद सीता का रावण द्वारा हरण होता है और फिर महायुद्ध शुरू होता है, जो अच्छाई और बुराई के बीच एक महान संघर्ष की नींव रखता है.