वेदांत माधवन (Vedaant Madhavan) भारत के एक प्रतिभाशाली फ्रीस्टाइल तैराक हैं. वे एक्टर आर माधवन के बेटे हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में भारत का नाम रोशन किया है. वे अब तक मलेशियन ओपन में 5 गोल्ड, डैनिश ओपन में 1 गोल्ड और 1 सिल्वर, के साथ ही लातविया और थाईलैंड ओपन में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं. उन्होंने कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 1500 मीटर फ्रीस्टाइल में 5वां स्थान हासिल किया था.
वेदांत का जन्म 21 अगस्त 2005 को मुंबई में हुआ था. उनकी मां सरिता बिरजे, एक फैशन डिजाइनर हैं. बचपन में ही उन्हें तैराकी का शौक हो गया था. स्कूल के दौरान उन्होंने मुंबई के गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब में प्रोफेशनल स्विमिंग की ट्रेनिंग शुरू की.
साल 2017 में वे ग्लेनमार्क एक्वाटिक फाउंडेशन से जुड़े, जहां से उनका राष्ट्रीय स्तर का सफर शुरू हुआ. उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई यूनिवर्सल अमेरिकन स्कूल, दुबई से पूरी की और बाद में अमेरिका की वर्जीनिया टेक यूनिवर्सिटी से मार्केटिंग में स्नातक किया, जहां वे वर्जीनिया टेक होकीज स्विमिंग टीम का हिस्सा रहे. इसके अलावा उन्होंने वेस्ट वर्जीनिया यूनिवर्सिटी में भी अध्ययन किया.
वेदांत ने 2018 के थाईलैंड ओपन से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की, जहां उन्होंने 1500 मीटर फ्रीस्टाइल में ब्रॉन्ज मेडल जीता. इसके बाद 2019 में एशियन एज ग्रुप चैम्पियनशिप में 4x100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में सिल्वर हासिल किया.
2021 में उन्होंने लातविया ओपन में 1500 मीटर फ्रीस्टाइल में ब्रॉन्ज, जबकि 2022 के डैनिश ओपन में 1500 मीटर में सिल्वर और 800 मीटर में गोल्ड जीता.
इसके बाद वे वर्ल्ड जूनियर चैम्पियनशिप 2022 में शामिल हुए, जहां उन्होंने 100 मीटर फ्रीस्टाइल में 52.83 सेकंड का अपना सर्वश्रेष्ठ टाइम दर्ज किया.
2023 के मलेशिया ओपन में वेदांत ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 50m, 100m, 200m, 400m और 1500m सभी पांचों स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीते और दो नए पर्सनल बेस्ट रिकॉर्ड बनाए.
इसके साथ ही उन्होंने खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2023 में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 7 पदक (5 गोल्ड, 2 सिल्वर) अपने नाम किए. वे कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स 2023 में भारत के फ्लैग बेयरर भी रहे.
आर माधवन के बेटे वेदांत माधवन बॉलीवुड से दूर स्विमिंग में करियर बना रहे हैं. वे रोज सुबह 4:30 बजे उठकर कड़ी ट्रेनिंग करते हैं और उनका सपना ओलंपिक गोल्ड जीतना है. जानिए उनका मुश्किल रूटीन और संघर्ष की कहानी.