रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की फिल्म तमाशा (2015) शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर वैसा कमाल नहीं कर पाई थी जिसकी मेकर्स को उम्मीद थी. फिल्म रॉकस्टार की कड़क सक्सेस के बाद डायरेक्टर इम्तियाज अली और रणबीर फिर से इस प्रोजेक्ट में साथ आए थे, साथ ही रणबीर-दीपिका की आइकॉनिक जोड़ी का लौटना भी फिल्म के लिए एक्साइटमेंट बढ़ा रहा था. मगर रिलीज के वक्त शुरुआत में आम दर्शकों को यह कहानी थोड़ी कन्फ्यूजिंग लगी.
हालांकि, समय के साथ एक रूटीन लाइफ में फंसे फिल्म के लीड किरदार वेद (रणबीर कपूर) की जर्नी से ऑडियंस गहराई से रिलेट करने लगी. धीरे-धीरे तमाशा सिनेमा लवर्स के बीच एक कल्ट फिल्म बन गई. कई दर्शकों के लिए तो यह सिर्फ एक फिल्म न रहकर जीवन का सबक बन गई, जिसने उन्हें अपने करियर, खुद की पहचान और खुशियों को लेकर नए नजरिए से सोचना सिखाया. कई युवाओं ने तो फिल्म देखकर अपनी जमी-जमाई नौकरियां छोड़ने का बड़ा फैसला लिया और क्रिएटिव फील्ड में आ गए. लेकिन अब डायरेक्टर इम्तियाज अली को इसी बात का एक बड़ा गिल्ट सताता है.
क्यों गिल्टी फील करते हैं इम्तियाज?
इम्तियाज अली इन दिनों अपनी नई फिल्म मैं वापस आऊंगा के प्रमोशन में बिजी हैं, जो 12 जून को रिलीज होने वाली है. इसी सिलसिले में दिए एक इंटरव्यू में इम्तियाज ने तमाशा के इस लाइफ-चेंजिंग इम्पैक्ट पर खुलकर बात की. न्यूज़ 18 से बातचीत में इम्तियाज ने बताया, 'मुझे इसके लिए एक बहुत बड़ा गिल्ट महसूस होता है. हाल ही में मैंने 'स्पाइरल-बाउंड' अटेंड किया था, जो बोमन ईरानी का एक बहुत ही खूबसूरत राइटर्स कन्वेंशन है. वहां बहुत सारे यंग राइटर्स ने आकर मुझसे कहा कि उन्होंने तमाशा देखने के बाद अपनी नौकरियां छोड़ दीं और राइटर बन गए.'
यंगस्टर्स की यह बात सुनकर इम्तियाज गर्व महसूस करने के बजाय उलझन और चिंता में पड़ गए. उन्होंने कहा, 'मेरे दिमाग में सबसे पहला ख्याल यही आया— उम्मीद है कि वो कामयाब हो जाएं.'
'अगर वो कामयाब नहीं हुए, तो उनका जीवन बर्बाद होने के लिए मैं जिम्मेदार'
फिल्म से इंस्पायर होकर लिए गए ये बड़े फैसले कहीं उन युवाओं का भविष्य न बिगाड़ दें, यह डर इम्तियाज को हमेशा सताता है. उन्होंने कहा, 'अगर वो कामयाब नहीं हुए, तो उनका जीवन बर्बाद होने के लिए कहीं न कहीं मैं जिम्मेदार होऊंगा. मुझे सिर्फ उन युवाओं के लिए नहीं, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक बड़ी जिम्मेदारी महसूस होती है— उनकी पत्नी, बच्चे और पेरेंट्स. शायद उनके माता-पिता ने सपना देखा होगा कि उनके बच्चे किसी दिन इंजीनियर बनेंगे और अमेरिका में सेटल होकर नौकरी करेंगे.'
इम्तियाज को इस बात की सबसे ज्यादा फिक्र रहती है कि इनमें से बहुत से लोग अब नौकरियां छोड़कर मुंबई की चकाचौंध में स्ट्रगल कर रहे हैं, वो भी एक ऐसी फिल्म इंडस्ट्री में जो अपनी अनिश्चितता और लगातार मिलने वाले रिजेक्शंस के लिए जानी जाती है.
इम्तियाज ने आगे कहा, 'मैं हमेशा उन सभी के लिए दुआएं करता हूं. सच कहूं तो अगर मैं उनकी जगह होता, तो मैं इस रिस्क से खुश रहता. मैंने पैसों के मामले में जीवन को कभी किसी सेट मेथड या प्रैक्टिकल होकर देखा ही नहीं है. आखिरकार मुझे उनका यह पैशन अच्छा ही लगता है, लेकिन मुझे उन लोगों की सुरक्षा की चिंता भी हमेशा बनी रहती है. मैं उनसे एक गहरा जुड़ाव महसूस करता हूं.'
बता दें कि इम्तियाज अली की अगली फिल्म मैं वापस आऊंगा भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बैकड्रॉप पर सेट एक खूबसूरत लव स्टोरी है. इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना और शरवरी वाघ मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं, जिसका फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.