अनुराधा पौडवाल (Anuradha Paudwal) का जन्म 27 अक्टूबर 1954 को हुआ था. वह भारतीय प्लेबैक सिंगर और राजनेता हैं. उन्होंने मुख्य रूप से हिंदी और ओड़िया फिल्मों के लिए गाने गाए हैं. इसके अलावा उन्होंने कई भारतीय भाषाओं में भी अपनी आवाज दी है. संगीत के क्षेत्र में उनका करियर पांच दशक से अधिक समय का रहा है.
अनुराधा पौडवाल ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1973 में आई हिंदी फिल्म 'अभिमान' से की थी. इस फिल्म में उन्होंने एक संस्कृत श्लोक गाया था, जिसका संगीत एस. डी. बर्मन ने तैयार किया था. इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों के साथ-साथ मराठी, ओड़िया, नेपाली, बंगाली और कन्नड़ फिल्मों में भी गीत रिकॉर्ड किए.
फिल्मी गीतों के अलावा अनुराधा पौडवाल ने भक्ति संगीत में भी लंबे समय तक काम किया. उन्होंने हिंदी, गुजराती, मराठी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, ओड़िया, असमिया, पंजाबी, भोजपुरी, ब्रजभाषा, नेपाली, मैथिली और अन्य भारतीय भाषाओं में 1,500 से अधिक भजन रिकॉर्ड किए हैं. वहीं, अलग-अलग फिल्मों के लिए उन्होंने 9,000 से अधिक गीत गाए हैं.
अपने करियर के दौरान उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार फिल्मफेयर पुरस्कार, महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार, ओडिशा राज्य फिल्म पुरस्कार और भारत सरकार की ओर से पद्म श्री सम्मान सहित कई पुरस्कार और सम्मान मिले हैं. उन्हें डी. वाई. पाटिल विश्वविद्यालय ने मानद डी.लिट. की उपाधि भी प्रदान की है.
संगीत के अलावा अनुराधा पौडवाल सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रही हैं. उन्होंने 'सूर्योदय फाउंडेशन' नाम से एक संस्था की स्थापना की. मार्च 2024 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता लेकर राजनीति में प्रवेश किया.
अनुराधा पौडवाल ने अपने करियर में कई सारे भजन गाए हैं, जिन्हें आज भी सुना जाता है. हाल ही में सिंगर ने अपने भजनों को लेकर कुछ बातें साझा की हैं. उनका कहना है कि वो एक बार भजन क्वीन नाम सुनकर रो पड़ी थीं.
अनुराधा पौडवाल ने पहली बार खुलासा किया कि उन्होंने 25 दिन की बेटी को भी खो दिया था. वहीं 2020 में उनके 35 साल के बेटे आदित्य का निधन हो चुका था. सिंगर ने बताया कि वो सब कुछ छोड़ देना चाहती थीं.