नालंदा सीट पर जेडीयू उम्मीदवार कौशलेंद्र कुमार जीत गए हैं. कौशलेंद्र ने 2,56,137 वोटों से जीत दर्ज की है. कौशलेंद्र कुमार को कुल 5,40,888 वोट हासिल हुए हैं. दूसरे नंबर पर हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के उम्मीदवार अशोक कुमार आजाद को 2,84,751 मत प्राप्त हुए हैं.
नालंदा सीट काफी हाई प्रोफाइल मानी जाती है क्योंकि बिहार के सीएम नीतीश कुमार यहीं से आते हैं. कांग्रेस के अलावा सीपीआई और जनता पार्टी का भी नालंदा सीट पर खासा प्रभाव है. नालंदा संसदीय क्षेत्र में सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं. ऐसा नए परिसीमन के बाद किया गया.
सात विधानसभा क्षेत्रों में अस्थावां, बिहारशरीफ, राजगीर, इस्लामपुर, हिलसा, नालंदा और हरनौत के नाम शामिल हैं. इनमें राजगीर एससी रिजर्व सीट है. बाढ़ संसदीय क्षेत्र में पहले चंडी और हरनौत विधानसभा आते थे लेकिन परिसीमन के बाद चंडी विधानसभा समाप्त कर दिया गया और उसका हिस्सा हरनौत में शामिल हो गया. हरनौत को बाढ़ से हटाकर नालंदा में शामिल कर लिया गया. हरनौत ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विधानसभा क्षेत्र है. सीट पर मतगणना के दौरान मिलने वाले रुझान और अंतिम परिणाम जानने के लिए इस पेज पर बने रहें और इसे रिफ्रेश करते रहें.
कब और कितनी हुई वोटिंग
बिहार की नालंदा लोकसभा सीट पर 19 मई को सातवें चरण में वोटिंग हुई. चुनाव आयोग के 2009 के आंकड़े के मुताबिक, नालंदा संसदीय क्षेत्र में कुल वोटरों की संख्या 1,719,503 है जिनमें 803,727 महिला और 915,776 पुरुष मतदाता हैं. नालंदा में 54.39 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई.
प्रमुख उम्मीदवार
एनडीए गठबंधन के तहत यह सीट जेडीयू के हिस्से आई थी, जिसने मौजूदा सांसद कौशलेंद्र कुमार को दोबारा टिकट दिया. उनका सामना आरजेडी की अगुआई वाले महागठबंधन के उम्मीदवार अशोक कुमार आजाद चंद्रवंशी से था. अशोक कुमार जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तान अवाम मोर्चा से थे.
2014 का चुनाव
इस सीट पर नीतीश का कितना प्रभाव है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2014 की मोदी लहर में भी यह सीट जेडीयू ने जीती थी. जेडीयू के कौशलेंद्र को 2014 में 3,21,982 वोट मिले थे. उन्होंने बीजेपी की सहयोगी पार्टी एलजेपी के सत्यानंद शर्मा को हराया था, जिन्हें 3,12,355 वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर कांग्रेस के आशीष रंजन सिन्हा रहे थे, जिन्हें 1,27,270 वोटों से संतोष करना पड़ा था.
सामाजिक ताना-बाना
नालंदा सीट पर नीतीश के मजबूत होने का कारण इस सीट पर कुर्मी वोटरों का होना है. नीतीश कुर्मी जाति से आते हैं. नालंदा में 25 प्रतिशत कुर्मी वोटर हैं. वहीं कोइरी जाति के भी 10 प्रतिशत वोटर हैं, जो कुर्मी की सहोदर मानी जाती है. मोस्ट बैकवर्ड क्लास की तादाद भी 25 प्रतिशत है. इसके अलावा 8 प्रतिशत मुस्लिम, 20 प्रतिशत यादव और अगड़ी जातियों के भी 9 प्रतिशत वोटर हैं. नालंदा में 23.68 लाख आबादी है और साक्षरता दर 64.43 प्रतिशत.
सीट का इतिहास
1952 और 1957 में कांग्रेस के कैलाशपति सिन्हा जीते. 1962, 1967 और 1971 में जनादेश कांग्रेस के सिद्धेश्वर प्रसाद को मिला. 1977 में भारतीय लोकदल के बीरेंद प्रसाद को जनता ने चुनकर लोकसभा भेजा. 1980 और 1984 में कम्युनिस्ट पार्टी के विजय कुमार यादव जीते. 1989 में कांग्रेस के रामस्वरूप प्रसाद ने जीत का परचम लहराया. 1991 में कम्युनिस्ट पार्टी के विजय कुमार यादव को जनादेश मिला. 1996, और 1998 में समता पार्टी के टिकट से जॉर्ज फर्नांडिस को जनता ने चुना. 1999 में वह जेडीयू से चुनकर लोकसभा पहुंचे. 2004 में जेडीयू से नीतीश कुमार जीतकर संसद पहुंचे. 2006 के उपचुनावों में जेडीयू के रामस्वरूप प्रसाद को जीत मिली. 2009 और 2014 में कौशलेंद्र कुमार को विजय मिली.
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