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लोकसभा चुनाव 2019: नालंदा में 54.39 फीसदी वोटिंग दर्ज, 35 प्रत्याशी मैदान में

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसी क्षेत्र से आते हैं. सामान्य सीट नालंदा से 2014 में जेडीयू प्रत्याशी कौशलेंद्र कुमार ने चुनाव जीता था. उन्होंने लोजपा उम्मीदवार सत्य नंद शर्मा को हराया था. दोनों के बीच काफी कांटे की टक्कर रही और शर्मा काफी कम वोटों से हारे.

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वोटिंग की फाइल फोटो (इंडिया टुडे आर्काइव)
वोटिंग की फाइल फोटो (इंडिया टुडे आर्काइव)

बिहार के नालंदा में रविवार को लोकसभा चुनाव के लिए वोट डाले गए. यहां पर सातवें और आखिरी चरण के तहत लोगों ने अपने वोट का इस्तेमाल किया. चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक नालंदा में 54.39 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई. अंतिम चरण की वोटिंग के तहत देश में कुल 64.77 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया. वहीं बिहार में कुल 53.36 फीसदी वोट पड़े.

नालंदा सीट पर 35 उम्मीदवार मैदान में हैं. मौजूदा सांसद कौशलेंद्र कुमार जेडीयू से उम्मीदवार हैं. एनसीपी ने शशि कुमार को टिकट दिया है. शिवसेना की ओर से चिरंजीब कुमार प्रत्याशी हैं.

इस निर्वाचन क्षेत्र में 2014 के चुनाव में 47.01 प्रतिशत और 2009 में 33.08 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसी क्षेत्र से आते हैं. सामान्य सीट नालंदा से 2014 में जेडीयू प्रत्याशी कौशलेंद्र कुमार ने चुनाव जीता था. उन्होंने लोजपा उम्मीदवार सत्य नंद शर्मा को हराया था. दोनों के बीच काफी कांटे की टक्कर रही और शर्मा काफी कम वोटों से हारे. चुनाव आयोग के 2009 के आंकड़े के मुताबिक, नालंदा संसदीय क्षेत्र में कुल वोटरों की संख्या 1,719,503 है जिनमें 803,727 महिला और 915,776 पुरुष मतदाता हैं. इस सीट पर कांग्रेस के दबदबे के अलावा सीपीआई और जनता पार्टी की भी अच्छी पैठ रही है.

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2014 में इस सीट पर जेडीयू के कौशलेंद्र कुमार जीते थे. उन्होंने एलजेपी प्रत्याशी सत्य नंद शर्मा को हराया था. कौशलेंद्र कुमार को 3,21,982 (34.93 प्रतिशत) वोट मिले जबकि सत्य नंद शर्मा को 3,12,355 वोट. शर्मा को कुल वोटों का 33.88 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हुआ. हार का अंतर देखें तो यह 10 हजार से भी कम था और 1 प्रतिशत से भी कम वोट शेयर पर जीत-हार का फैसला हुआ. 2014 के चुनाव में इस सीट पर तीसरे नंबर पर कांग्रेस रही जिसके प्रत्याशी आशीष रंजन सिन्हा को 1,27,270 (13.81 प्रतिशत) वोट मिले. चौथे और पांचवें स्थान पर क्रमशः बीएसपी और सीपीआई (एमएल) रहे. छठे स्थान पर नोटा रहा जिसके तहत 5,452 (0.59 प्रतिशत) वोट दर्ज हुए. इस चुनाव में जेडीयू के लिए अच्छी बात यह रही कि उसने पिछले चुनाव में जीत का अपना सिलसिला बरकरार रखा.

2009 के चुनाव में भी जेडीयू और एलजेपी के बीच टक्कर रही. जेडीयू प्रत्याशी कौशलेंद्र कुमार ने एलजेपी के सतीश कुमार को हराया. उस साल कौशलेंद्र कुमार को 2,99,155 वोट मिले जबकि सतीश कुमार को 1,46,478 वोट. दोनों नेताओं के बीच वोट की संख्या और वोट प्रतिशत का बड़ा अंतर देखा गया. कौशलेंद्र कुमार को 52.65 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि सतीश कुमार को जेडीयू से ठीक आधे 25.78 प्रतिशत वोट हासिल हुए. इस चुनाव में तीसरे स्थान पर लोकतांत्रिक समता दल के प्रत्याशी अनिल सिंह रहे जिन्हें मात्र 20,335 (3.58 प्रतिशत) वोट मिले. चौथे और पांचवें स्थान पर क्रमशः बीएसपी और कांग्रेस रहे. 2009 के चुनाव में भी जेडीयू ने अपना कब्जा बरकार रखा.

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