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बंगाल चुनाव: बीजेपी ने RG Kar रेप पीड़िता की मां को दिया टिकट, जारी की 19 उम्मीदवारों की थर्ड लिस्ट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 19 उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी की है. पार्टी ने पानीहाटी सीट से आरजी कर पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को टिकट देना खास तौर पर चर्चा में है. इसे पार्टी का भावनात्मक और रणनीतिक कदम माना जा रहा है.

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बंगाल चुनाव में भाजपा ने पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से आरजी कर पीड़िता की मां को उम्मीदवार बनाया. (File Photo: PTI)
बंगाल चुनाव में भाजपा ने पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से आरजी कर पीड़िता की मां को उम्मीदवार बनाया. (File Photo: PTI)

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में कुल 19 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, जिनमें कई नए चेहरों को मौका दिया गया है. पार्टी ने उत्तर 24 परगना जिले की अहम मानी जाने वाली पानीहाटी सीट से आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को टिकट देकर एक बड़ा और भावनात्मक दांव खेला है. उत्तरपाड़ा सीट से बीजेपी ने दीपांजन चक्रवर्ती को मैदान में उतारा है. वह पूर्व एनएसजी अधिकारी हैं. अरूप कुमार दास सिंगूर सीट से बीजेपी के उम्मीदवार होंगे. यहां उनकी टक्कर टीएमसी के बेचराम मन्ना से होगी. बीजेपी ने डॉ. शंकर गुचैत को मेदिनीपुर से अपना उम्मीदवार बनाया है.

बीजेपी की इस लिस्ट में उत्तर बंगाल और अन्य जिलों की कई प्रमुख सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा हुई है. इनमें रथीन्द्रनाथ बोस (कूचबिहार दक्षिण), दिनेश सरकार (रायगंज), चिरंजीत रॉय (इस्लामपुर), हरिपदा बर्मन (हेमटाबाद), अमलान भादुड़ी (इंग्लिश बाजार), स्वप्नन दास (शांतिपुर), बिप्लब मंडल (हावड़ा सेंट्रल), दीपांजन कुमार गुहा (चंदननगर), सुबीर नाग (चुचुड़ा), मधुमिता घोष (हरिपाल), हरे कृष्णा बेरा (तमलुक) और प्राणकृष्ण तपादार (पूर्व मेदिनीपुर दक्षिण) शामिल हैं.

वहीं कटवा सीट से कृष्णा घोष को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि सैंथिया से कृष्णकांत साहा और नलहाटी से अनिल सिंह को टिकट दिया गया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को होंगे और नतीजे 4 मई को आएंगे. बंगाल चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट में 144 और दूसरी लिस्ट में 111 उम्मीदवारों की घोषणा की थी. पार्टी ने 19 नामों वाली तीसरी लिस्ट के साथ अब तक कुल 274 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. बता दें कि बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं.

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बीजेपी ने रत्ना देबनाथ को क्यों दिया टिकट?

रत्ना देबनाथ को उम्मीदवार बनाए जाने को भाजपा द्वारा कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को चुनावी केंद्र में लाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. यह मामला पहले ही राज्य की राजनीति में काफी चर्चा का विषय रहा है और अब पीड़िता की मां को चुनावी मैदान में उतारकर भाजपा ने इसे और प्रमुख बना दिया है. टिकट मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में रत्ना देबनाथ ने कहा, 'मैंने कल रात भाजपा को सूचित किया था कि मैं चुनाव लड़ना चाहती हूं. पार्टी के लोग काफी समय से मेरे संपर्क में थे. काफी सोच-विचार के बाद मैंने अपनी सहमति दी है.'

रत्ना देबनाथ ने पिछले हफ्ते ही चुनाव लड़ने के संकेत दिए थे. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था, 'मेरी बेटी की निर्मम हत्या को काफी समय बीत चुका है. लंबे आंदोलनों और संघर्ष के बावजूद हमें अभी तक न्याय नहीं मिला है. मैंने उसे न्याय दिलाने के लिए भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है.' उनके पति ने भी संकेत दिया था कि उनकी संभावित उम्मीदवारी को लेकर भाजपा नेताओं के साथ प्रारंभिक बातचीत हो चुकी है और कहा था कि वह न्याय के मुद्दे पर सीधे राजनीति में उतरने को तैयार हैं. 

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आरजी कर का मामला क्या है?

कोलकाता के राधागोविंद कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 9 अगस्त 2024 की रात एक 31 वर्षीय महिला ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी. उसका शव अस्पताल के सेमिनार हॉल से बरामद हुआ था. कोलकाता पुलिस ने मुख्य आरोपी सिविल वॉलंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया था. यह घटना अस्पताल परिसर से जुड़ी होने के कारण और ज्यादा संवेदनशील बन गई. पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की. कोलकाता के कई प्रमुख अस्पतालों में डॉक्टर 42 दिन तक काम पर नहीं लौटे. कोलकाता हाई कोर्ट ने मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए. सीबीआई ने जांच के बाद गैंग रेप के आरोपों से इनकार किया और संजय रॉय को दोषी पाया गया. जनवरी 2025 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई. 

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