उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM और चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के बीच गठबंधन की चर्चा तेज हो गई है. दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच इस मुद्दे पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है. सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन का ऐलान जल्द हो सकता है. हालांकि, AIMIM को अभी कुछ और दलों के भी साथ आने की उम्मीद है.
अगर दोनों दल साथ आते हैं, तो उत्तर प्रदेश में दलित, मुस्लिम और वंचित वर्ग को साथ लाकर नया राजनीतिक विकल्प खड़ा करने की कोशिश होगी. गठबंधन को लेकर सीटों के बंटवारे और दूसरे दलों को साथ जोड़ने पर भी चर्चा चल रही है. हालांकि, अभी तक दोनों पार्टियों की तरफ से गठबंधन या सीटों के बंटवारे का औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है.
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'बीजेपी को हराने के लिए सभी का स्वागत'
AIMIM के प्रवक्ता शादाब चौहान ने गठबंधन की चर्चाओं पर कहा कि उनकी पार्टी पिछले 12 साल से लगातार संगठन को मजबूत करने पर काम कर रही है. उन्हें भरोसा है कि उत्तर प्रदेश की जनता पार्टी पर विश्वास करेगी.
शादाब चौहान ने कहा, "हमने प्रयास किया कि बीजेपी को हराने के लिए सभी लोग मिलकर चुनाव लड़ें. जो दल भी हमारे साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहते हैं, उन सभी का स्वागत है. समान विचारधारा वाले लोगों के लिए हमारे रास्ते खुले हैं." उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी बीजेपी को हराने के लिए प्रतिबद्ध है. चौहान के मुताबिक, जल्द ही दलित, मुस्लिम और वंचित वर्ग के सामने एक नया विकल्प होगा. उन्होंने राज्य में न्यायवादी सरकार बनने का भरोसा भी जताया.
सीटों के बंटवारे पर भी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, AIMIM उत्तर प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. पार्टी की नजर खास तौर पर उन सीटों पर है, जहां अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. वहीं, चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी और दूसरे संभावित सहयोगियों के बीच बाकी सीटों के बंटवारे पर चर्चा हो सकती है.
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इन संभावित सहयोगियों में पल्लवी पटेल की अपना दल (कमेरावादी) और स्वामी प्रसाद मौर्य का संगठन भी शामिल बताए जा रहे हैं. हालांकि, सीटों की संख्या और अन्य दलों की भागीदारी पर अभी कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है.