कहते हैं कि लोकतंत्र में जनता ही असली मालिक होती है और जब वो अपना मन बना ले, तो बड़े-बड़े किलों को ढहते देर नहीं लगती. कुछ ऐसा ही खेला हुआ है नॉर्थ चेन्नई की रॉयपुरम सीट पर. यहां एक आम ऑटो ड्राइवर ने वो कर दिखाया है, जिसे अच्छे-अच्छे सियासी धुरंधर सोच भी नहीं सकते थे. TVK के उम्मीदवार विजय धामू ने इस सीट पर जीत हासिल की है और यही वजह है कि उनकी जीत चर्चा में बनी हुई है.
विजय धामु कोई बड़े नेता नहीं हैं, बल्कि अपनी मेहनत से ऑटो चलाकर घर चलाने वाले एक आम इंसान हैं. लेकिन आज जब चुनावी नतीजे आए, तो हर कोई दंग रह गया. धामु ने अपने इस ऑटो की रफ्तार से तमिलनाडु की राजनीति के सबसे कद्दावर नामों में से एक, AIADMK के पूर्व मंत्री डी. जयकुमार को बुरी तरह हरा दिया. यही नहीं, उन्होंने DMK के सुबैर खान को भी पीछे छोड़ दिया, जो खुद पूर्व मंत्री रहमान खान के बेटे हैं. ऐसे में दो बड़े राजनीतिक चेहरों के बीच यह नतीजा खास माना जा रहा है.
जरा सोचिए, एक तरफ वो बड़े नेता थे जिनके पास बरसों का तजुर्बा था, बड़ी राजनीतिक विरासत थी और बड़ी पार्टियों का टैग भी था. वहीं दूसरी तरफ विजय धामु थे, जिनके पास सिर्फ लोगों का भरोसा और उनका वो ऑटो था जिसे वो रोज सड़कों पर दौड़ाते हैं. रॉयपुरम के लोगों ने इस बार किसी खास चेहरे को नहीं, बल्कि अपने बीच रहने वाले एक आम आदमी को चुना.
तमिलनाडु की राजनीति में एक्टर विजय की पार्टी TVK ने जिस तरह से कदम रखा है, उसने पूरे राज्य की तस्वीर ही बदल दी है. विजय धामु की यह जीत अब तमिलनाडु की नई राजनीति की पहचान बन गई है. कल तक जो सड़कों पर सवारी ढोता था, आज जनता ने उसे अपनी उम्मीदों का साथी बना लिया है.