तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित हो चुके हैं. तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने राज्य में सबसे अधिक सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है. इस बीच तमिलनाडु विधानसभा की एक सीट चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि यहां डीएमके उम्मीदवार को मात्र 1 वोट से हार मिली है.
डीएमके मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन को तिरुप्पत्तूर विधानसभा सीट पर सिर्फ एक वोट के अंतर से पराजय मिली. यह नतीजा दिखाता है कि चुनाव में एक-एक वोट किस तरह किस्मत बदल सकती है.
राज्य के सहकारिता मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन को टीवीके उम्मीदवार सीनिवास सेतुपति आर ने पराजित कर दिया. मतगणना पूरी होने के बाद सेतुपति को मात्र एक वोट अतिरिक्त मिला और इसी के आधार पर उन्हें जीत हासिल हुई. सेतुपति को कुल 83,375 वोट मिले, जबकि पेरियाकरुप्पन को मात्र एक वोट से हार का सामना करना पड़ा.
बेहद कम अंतर के कारण यह मुकाबला हाल के चुनावी इतिहास के सबसे करीबी मुकाबलों में से एक बन गया है. इसकी तुलना उन उदाहरणों से की जा सकती है, जहां उम्मीदवार केवल एक वोट से जीते या हारे हैं. यह परिणाम बताता है कि प्रत्याशी की किस्मत मात्र एक वोट से भी बदल सकती है.
बता दें, तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है, जिसमें तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) चुनावी परिणामों में विजेता के रूप में उभरी है.
टीवीके ने 108 सीटें जीतकर अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे निकलते हुए राज्य में एक बड़ी राजनीतिक सफलता हासिल की. डीएमके 59 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि एआईएडीएमके 47 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 5 सीटें जीतने में कामयाब रही और पीएमके ने 4 सीटें हासिल कीं.