असम में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान बढ़ गया है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर तीन देशों के पासपोर्ट और विदेशी संपत्तियों के आरोप लगाए हैं. जवाब में हिमंत ने इसे साजिश बताया है और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है. रविवार को सामने आए इन आरोपों के बाद मामला राजनीतिक टकराव में बदल गया.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कुछ दस्तावेज पेश करते हुए दावा किया कि रिंकी सरमा के पास संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और एंटीगुआ और बारबुडा के पासपोर्ट हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दुबई में उनकी संपत्तियां हैं. अमेरिका के व्योमिंग में एक बड़ी कंपनी से संबंध है, जिसका बजट अरबों डॉलर है. इन संपत्तियों का जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया है.
पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि क्या रिंकी सरमा के पास भारतीय नागरिकता भी है, क्योंकि भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता. इन आरोपों के आधार पर मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी और उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की गई है. इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले में हस्तक्षेप कर विशेष जांच दल गठित करने की अपील की है.
खेड़ा ने यह भी आशंका जताई कि यदि चुनाव परिणाम उनके खिलाफ जाते हैं, तो वे विदेश जाने की कोशिश कर सकते हैं. आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे कांग्रेस की हताशा और घबराहट का नतीजा बताया है. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे असम चुनाव में जनता का समर्थन बढ़ रहा है, विपक्ष ऐसे आरोप लगाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आरोप दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित हैं. उन्होंने ऐलान किया कि वो और उनकी पत्नी पवन खेड़ा के खिलाफ 48 घंटे के भीतर आपराधिक और दीवानी मानहानि के मुकदमे दर्ज कराएंगे. इस बार आरोप लगाने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा. उन्होंने कांग्रेस द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए हैं.
हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया कि इनमें कई तकनीकी और तथ्यात्मक गड़बड़ियां हैं. उन्होंने कहा कि पासपोर्ट में नामों का मेल नहीं खाता, तस्वीरों में गड़बड़ी है और कई दस्तावेजों में डिजिटल छेड़छाड़ के संकेत मिलते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि कुछ दस्तावेजों में वर्तनी की गलतियां हैं, तारीखें मेल नहीं खातीं और एक क्यूआर कोड भी अमान्य पाया गया है.