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‘मेरा मकसद कांग्रेस को झकझोरना था’, आलाकमान की चेतावनी के बाद हरीश रावत ने रोकी अपनी जनसंवाद यात्रा

उत्तराखंड कांग्रेस में व्यक्तिगत यात्राओं पर केसी वेणुगोपाल की सख्ती के बाद हरीश रावत ने अपनी आगे की 8-10 यात्राएं स्थगित कर दी हैं. रावत ने कहा कि उनका मकसद कांग्रेस को जगाना था जो पूरा हो गया.

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केसी वेणुगोपाल की चेतावनी के बाद हरीश रावत बैकफुट पर आए.(File Photo)
केसी वेणुगोपाल की चेतावनी के बाद हरीश रावत बैकफुट पर आए.(File Photo)

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत की 'धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा' को लेकर कांग्रेस हाईकमान के सख्त रुख के बाद राज्य की राजनीति गर्मा गई है.

कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा 'व्यक्तिगत अभियानों' पर रोक लगाने और कार्रवाई की चेतावनी देने के बाद हरीश रावत ने अपनी प्रस्तावित आगे की 8-10 यात्राओं को स्थगित करने का फैसला किया है. हालांकि, उन्होंने पार्टी के इस रुख पर अनभिज्ञता और सवाल भी खड़े किए हैं.

अपनी हालिया यात्रा के बाद हरीश रावत ने मीडिया से बात की और एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "दिल्ली में फिर से मेरी 'धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा' को गलत समझा जा रहा है. कल मैंने वेणुगोपाल जी से मिलकर सारी स्थिति स्पष्ट की थी और कहा था कि यदि पार्टी कोई को-ऑर्डिनेटेड (साझा) प्रोग्राम बना रही है, तो मैं आगे की 8-10 यात्राएं स्थगित कर देता हूं. लेकिन आज की पूर्वनिर्धारित यात्रा को रद्द करना कार्यकर्ताओं के मनोबल के लिए ठीक नहीं था."

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'उत्तराखंड कांग्रेस को जगाना ही पहला लक्ष्य था'
रावत ने आगे कहा, "शैलजा जी ने मुझे 7 अक्टूबर की शाम 7 बजे मिलने का समय दिया है. पार्टी को स्पष्टीकरण मांगने का पूरा अधिकार है और मैं अपनी बात रखूंगा. लेकिन मेरी समझ से परे है कि जब लंबे समय से पार्टी का कोई बड़ा जनसंपर्क अभियान सड़कों या गांवों में नहीं चल रहा था, तो मेरी इस यात्रा से संगठन में कहां कमजोरी आ रही है?"

यह भी पढ़ें: तीन बार सीएम रहे हरीश रावत अब कांग्रेस के ‘बागी’? 78 साल की उम्र में अकेले क्यों निकल पड़े उत्तराखंड यात्रा पर

हरीश रावत ने जोर देकर कहा कि उनकी यात्राओं का मुख्य मकसद शांत पड़ी राज्य कांग्रेस में नई जान फूंकना था. उन्होंने कहा, "मेरा शुरुआती काम उत्तराखंड कांग्रेस को हिलाना और कार्यकर्ताओं को जगाना था, वह उद्देश्य मैंने हासिल कर लिया है. अब अगर पार्टी कोई नया साझा अभियान शुरू करती है, तो हम सब पार्टी के तय कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ेंगे."

हाईकमान का कड़ा रुख
इससे पहले, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर सख्त संदेश जारी करते हुए कहा था, 'उत्तराखंड में सभी चुनावी अभियान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में साझा बैनर तले चलाए जाएंगे. पार्टी में किसी भी नेता का व्यक्तिगत अभियान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. केवल संगठनात्मक और सामूहिक कार्यक्रम ही मान्य होंगे.'
 

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