2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी करेगी. इतना ही नहीं, पंजाब में भी पार्टी सभी 117 सीटों पर काम कर रही है. चिराग ने कहा कि पार्टी को हर सीट पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए.
चिराग पासवान गुरुवार को लखनऊ में अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे थे. कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव, एनडीए के साथ गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर पार्टी की रणनीति बताई.
यूपी की सभी 403 सीटों पर तैयारी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर चिराग पासवान ने कहा, 'मैं सभी 403 सीटों के लिए तैयारी करूंगा. हमारी पार्टी लंबे समय से गठबंधन की राजनीति का हिस्सा रही है, लेकिन गठबंधन में रहने का मतलब सिर्फ सीटें हासिल करना नहीं है.'
चिराग ने कहा कि पार्टी को हर सीट पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए. इससे संगठन मजबूत होता है और जरूरत पड़ने पर सहयोगी दलों को भी इसका फायदा मिलता है. इसी तरह उनकी पार्टी बिहार की सभी 243 सीटों के लिए तैयारी की है. इसके अलावा पंजाब में भी 117 सीटों पर काम किया जा रहा है.
NDA से सीट बंटवारे पर अभी बातचीत शुरू नहीं
उत्तर प्रदेश में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ सीट बंटवारे को लेकर चिराग ने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि औपचारिक बातचीत शुरू हो गई है. चुनाव की अधिसूचना आने में अभी समय है. हालांकि, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ उनकी बातचीत में हमेशा यही बात सामने आई है कि साथ मिलकर आगे बढ़ने की इच्छा है.
चिराग ने अपने पिता रामविलास पासवान का उदाहरण देते हुए कहा कि वह लंबे समय तक गठबंधन की राजनीति का हिस्सा रहे. रामविलास पासवान ने वीपी सिंह, एचडी देवगौड़ा, आईके गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी की सरकारों के साथ सहयोगी के तौर पर काम किया.
अखिलेश के PDA पर भी बोले चिराग
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के 2027 में PDA के आधार पर सरकार बनाने के दावे पर चिराग पासवान ने कहा कि वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने की किसी भी कोशिश का वह स्वागत करते हैं. हालांकि, उन्होंने हाल के राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि सपा को अपने काम के जरिए भी PDA के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखानी चाहिए.
चुनाव आयोग से बातचीत की दी सलाह
चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन पर भी चिराग पासवान ने कहा कि राजनीतिक दलों को रोज प्रदर्शन करने के बजाय चुनाव आयोग से मिलकर अपने सवालों के जवाब मांगने चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है. राजनीतिक दल उससे मिलने का समय मांग सकते हैं और प्रतिनिधिमंडल के जरिए अपनी चिंताएं रख सकते हैं. अगर जवाब से संतुष्टि नहीं होती है तो उसके बाद प्रदर्शन या प्रेस कॉन्फ्रेंस की जा सकती है.
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा कि विपक्ष को कम से कम उस व्यक्ति से मिलना चाहिए, जिसके खिलाफ उसे शिकायत है. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि CEC विपक्ष को समय देंगे और उसकी चिंताओं को दूर करने की कोशिश करेंगे. चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी जाति और धर्म से ऊपर उठकर सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है.