उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की अहम बैठक बुलाई है. यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब परिवार से लेकर पार्टी के संगठन तक में बड़ी सियासी उथल-पुथल मची हुई है. बैठक के दौरान मंच पर मायावती के ठीक दाहिनी (राइट) तरफ उनके भाई आनंद कुमार नजर आए, तो बायीं (लेफ्ट) तरफ उनके छोटे भतीजे ईशान आनंद खड़े दिखे.
आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद मायावती ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनके भाई आनंद कुमार के परिवार से अब केवल उनके छोटे बेटे ईशान आनंद को ही पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जाएगा. ऐसे में पूरे सियासी गलियारे की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस बैठक में मायावती ईशान आनंद को लेकर क्या औपचारिक घोषणा करती हैं.
मिशन-2027 के लिए बसपा की बैठक
उत्तर प्रदेश समेत उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश अध्यक्षों के साथ मायावती गहन मंथन करेंगी. बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी चर्चा की जाएगी. इसके अलावा आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति और संगठन की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी.
मायावती बैठक में संभावित बसपा उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी चर्चा और समीक्षा करेंगी. वे पार्टी नेताओं से उनके अपने राज्यों और क्षेत्रों में संगठन की स्थिति की जानकारी लेंगी. मायावती पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों पर अब तक कितना काम हुआ है, इसकी प्रगति रिपोर्ट भी लेंगी. बसपा के लिए उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां इस बैठक का मुख्य बिंदु रहेंगी.
ईशान आनंद को क्या मिलेगी जिम्मेदारी?
आकाश आनंद को बसपा से बाहर किए जाने के बाद यह महत्वपूर्ण बैठक हो रही है. इसीलिए लखनऊ की इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं कि मायावती क्या बड़ा फैसला लेती हैं. पिछले कुछ समय में हुई राजनीतिक उथल-पुथल के बाद मंच पर ईशान आनंद की मायावती के ठीक बगल में उपस्थिति यह साफ संकेत देती है कि पार्टी में अब उन्हें नई पीढ़ी के नेतृत्व के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है.
ईशान आनंद को अपने ठीक बगल में स्थान देकर मायावती ने पार्टी कैडरों को यह संदेश दे दिया है कि भविष्य की सांगठनिक कमान में ईशान की मुख्य भूमिका होगी. वहीं, मायावती के दाहिनी तरफ आनंद कुमार की मौजूदगी पार्टी के भीतर उनके पुराने, भरोसेमंद और प्रशासनिक या सांगठनिक नियंत्रण को दर्शाती है. वे पार्टी के वरिष्ठ कैडर और नए नेतृत्व के बीच एक मजबूत कड़ी का काम कर रहे हैं.