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'ट्रंप और ईरान बात कर सकते हैं, तो हम क्यों नहीं', पंजाब कांग्रेस में घमासान पर बोले बाजवा

पंजाब कांग्रेस की रार सुलझाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने भूपेश बघेल को चंडीगढ़ भेजा है. भूपेश बघेल ने चंडीगढ़ पहुंचते ही प्रताप सिंह बाजवा के साथ बंद कमरे में बैठक की.

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करीब 50 मिनट चली बाजवा और भूपेश बघेल की बैठक (Photo: ITG)
करीब 50 मिनट चली बाजवा और भूपेश बघेल की बैठक (Photo: ITG)

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और कांग्रेस के स्थानीय नेता आपस में ही उलझे हुए हैं. आंतरिक कलह पर काबू पाने, नेताओं को एकजुट करने की कवायद में कांग्रेस नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चंडीगढ़ भेजा है. पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल सोमवार को चंडीगढ़ पहुंचे. भूपेश बघेल ने चंडीगढ़ पहुंचते ही पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की.

भूपेश बघेल ने एक के बाद एक अनौपचारिक बैठकें कर कांग्रेस नेताओं के मतभेद दूर करने, सभी को एक मंच पर लाने की कवायद शुरू कर दी है. पहली बैठक पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के आवास पर हुई. बंद कमरे में भूपेश बघेल और प्रताप सिंह बाजवा की यह बैठक करीब 50 मिनट तक चली.

प्रताप सिंह बाजवा ने बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग में मतभेद के सवाल पर कहा कि इसे सुलझा लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान अगर बातचीत के लिए एक टेबल पर बैठ सकते हैं, तो हम क्यों नहीं? पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि कांग्रेस के सभी नेता साथ बैठेंगे और आपसी मतभेद सुलझा लेंगे.

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उन्होंने कहा कि हाल ही में घोषित संगठन से जुड़ी समितियों को लेकर नेताओं की शिकायतें भूपेश बघेल व्यक्तिगत रूप से सुनेंगे. वह हर शिकायत सुनेंगे और अगर कोई नेता हाईकमान से मिलना चाहता है, तो वह मुलाकात कराने की व्यवस्था भी करेंगे. प्रताप सिंह बाजवा ने यह जानकारी भी दी कि भूपेश बघेल चंडीगढ़ में पांच दिन रुकेंगे और नेताओं के साथ ही कार्यकर्ताओं से भी अलग-अलग स्तरों पर विचार-विमर्श करेंगे.

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सतलुज फिल्म पर जारी विवाद को लेकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश का आरोप लगाते हुए बाजवा ने कहा कि ब्यास नदी के किनारे रहता हूं और आज तक सतलुज नदी भी नहीं. बाजवा ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस फिल्म का निर्माण कराया गया, दिखाया गया, उसी को बैन कर दिया गया. उनका यही उद्देश्य था.

चन्नी के करीबी को कारण बताओ नोटिस

पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर को पंजाब कांग्रेस की नवगठित अनुशासन समिति ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इस समिति के अध्यक्ष अवतार हेनरी ने पिछले हफ्ते चन्नी के आवास पर हुई बैठक में दिए बयान के लिए जलालपुर से तीन दिन में जवाब देने के लिए कहा है. बता दें कि चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक नेता लगातार यह मांग करते आ रहे हैं कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया जाए.

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