समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक कार्यक्रम में बिना नाम लिए राष्ट्रीय लोकदल और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी पर निशाना साधा था. यादव ने कहा था कि, 'हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी हमें छोड़कर चले गए.' अब इसे लेकर और जयंत चौधरी पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'मैं जयंत चौधरी और उनकी पत्नी को, जो हमारी बहन जैसी हैं, बहुत अच्छी तरह जानता हूं. इस तरह का बयान पूरी तरह गलत है. ऐसा बयान देकर आपने दुनिया के सामने अपनी सोच और मानसिकता जाहिर कर दी है.'
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मैं अब भी जयंत चौधरी से मिलता हूं. मैं उनसे आमने-सामने पूछता हूं... चौधरी साहब, आप बीजेपी में क्यों शामिल हुए. वे मुस्कुराते हैं और कहते हैं, हम इस बारे में बाद में बात करेंगे.
ओवैसी ने कहा कि हमारी असहमति हो सकती है, लेकिन हम उनसे बात करते हैं. हम उनका सम्मान करते हैं. जब आप किसी ऐसे व्यक्ति का इस तरह अपमान करते हैं जो कभी आपके साथ था, तो इससे आपकी मानसिकता का पता चलता है. इससे पता चलता है कि आप चाहते हैं कि हर कोई आपकी मर्ज़ी पर निर्भर रहे.
हम नहीं चाहते कि UP में तीसरी बार BJP की सरकार बने: ओवैसी
उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए गठबंधन की संभावना पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हम नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार BJP की सरकार बने. अगर कोई नहीं चाहता कि BJP सरकार बनाए, तो वे हमसे बात कर सकते हैं. हम BJP को सत्ता में आने से रोकने के लिए आपके साथ काम करने को तैयार हैं. लेकिन यह समझना ज़रूरी है कि आप अकेले BJP को नहीं रोक सकते.
उत्तर प्रदेश में BSP और कांग्रेस के बारे में ओवैसी ने कहा कि, 'हर राजनीतिक पार्टी अपनी बात रखने में सक्षम है, और वे खुद अपनी बात रखेंगे. मैंने हमेशा कहा है कि मायावती भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा लोगों में से हैं जिन्होंने बिना किसी पारिवारिक समर्थन या विरासत में मिली संपत्ति के अपना राजनीतिक करियर बनाया, इतिहास रचा और पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई. स्पष्ट बहुमत के साथ मुख्यमंत्री बनना एक बड़ी उपलब्धि है. इसलिए, मैं उनका बहुत सम्मान करता हूँ. ऐसा दोबारा होगा या नहीं, यह अलग बात है, लेकिन उनके राजनीतिक सफ़र के इस तथ्य को ज़रूर माना जाना चाहिए.'