राजभवन निर्वाचन क्षेत्र (संख्या 14), पुडुचेरी का प्रशासनिक केंद्र माना जाता है. यह राजनिवास के आसपास स्थित है. क्षेत्र अपनी औपनिवेशिक विरासत और आधुनिक प्रशासनिक ढांचे के मेल को दर्शाता है, इसलिए इसे शहर के सबसे महत्वपूर्ण और राजनीतिक रूप से संवेदनशील शहरी सीटों में गिना जाता है. यहां के समाज और राजनीति की बात करें तो इस क्षेत्र में सरकारी कर्मचारी, प्रोफेशनल लोग और व्यापारी बड़ी संख्या में रहते हैं.
यहां के मतदाता जागरूक हैं और मुद्दों के आधार पर वोट करते हैं, साथ ही नागरिक समूहों की भी मजबूत भूमिका रहती है. यहां मुख्य रूप से एआईएनआरसी, डीएमके और एआईएडीएमके के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलती है. चुनाव में लोगों का फोकस अच्छे शासन और प्रशासन पर रहता है.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र शहर के बीचों-बीच स्थित है, जहां सड़क कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है और प्रशासनिक व व्यावसायिक इलाके पास-पास हैं. यहां कई ऐतिहासिक क्षेत्र भी मौजूद हैं और साथ ही घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके भी हैं. इस क्षेत्र के प्रमुख स्थानों में सरकारी दफ्तर, रिहायशी कॉलोनियां, व्यावसायिक सड़कें और संस्थागत क्षेत्र शामिल हैं.
यहां के मुख्य मुद्दों में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या, बुनियादी ढांचे का रख-रखाव, विरासत स्थलों की सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता शामिल हैं. मतदाताओं का मूड की बात करें तो वे बेहतर और प्रभावी शासन चाहते हैं. साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार, हेरिटेज क्षेत्रों का संरक्षण और अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल की मांग कर रहे हैं. ताकि सार्वजनिक सेवाएं और विकास कार्य तेजी और सही तरीके से हो सकें.
S.p. Sivakumar
DMK
S. Paruvadhavardhnie
MNM
Anthony Sharmila
NTK
Nota
NOTA
S.k. Subramanian
IND
N. Mohan
IND
G. Sathishkumar
AMMKMNKZ
M. Sathiyan @ Vimalan
IND
Assembly Election Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. बंगाल में चुनावी पारा चढ़ने के बीच ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को झटका लगा है. बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की जलांगी विधानसभा सीट से TMC विधायक अब्दुर रज्जाक ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है.
पुडुचेरी में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थलपति विजय की रैली के दौरान भारी भीड़ देखी गई, जहां एक महिला बेहोश हो गई. मौके पर मौजूद अधिकारियों ने महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया.
असम, केरलम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान समाप्त हो गया. पुडुचेरी में 89.87 फीसदी, असम में 85.91 फीसदी और केरलम में 78.27 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. तीनों जगह बंपर वोटिंग हुई.
आज का दिन असम, केरल और पुडुचेरी के लिए बेहद अहम है. तीनों जगहों पर विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है. इन राज्यों में आज जनता तय करेगी कि सत्ता की चाबी किसे सौंपनी है. सुबह सात बजे से जारी मतदान में कई पोलिंग बूथ पर वोटर्स की भारी भीड़ देखी जा रही है. देखें 'राजतिलक'.
आज का दिन असम, केरल और पुडुचेरी के लिए बेहद अहम है. तीनों जगहों पर विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है. इन राज्यों में आज जनता तय करेगी कि सत्ता की चाबी किसे सौंपनी है. सुबह सात बजे से जारी मतदान में कई पोलिंग बूथ पर वोटर्स की भारी भीड़ देखी जा रही है. देखिए.
Assembly Election News 2026 Live Updates: विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है. असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है.
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव की 30 सीटों के लिए 294 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला गुरुवार को मतदाता तय करेंगे. बीजेपी रंगास्वामी के भरोसे चुनावी मैदान में उतरी है तो कांग्रेस की उम्मीद वी वैथिलिंगम से है. ऐसे में देखना है कि पुडुचेरी छोटा राज्य क्या बड़ा धमाल करता है?
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 9 अप्रैल 2026 को किया जाएगा. यहां 30 विधानसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव में 294 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 23 फीसदी उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हैं.
पश्चिम बंगाल में जुबानी जंग के बीच बीजेपी लगातार ममता सरकार को कानून-व्यवस्था पर घेर रही है. पार्टी ने टीएमसी पर आपराधिक नेटवर्क को संरक्षण देने का आरोप लगाया. वहीं TMC का कहना है कि बीजेपी अन्य राज्यों से 'एनकाउंटर राज' मॉडल लाने की कोशिश कर रही है.
पुडुचेरी के 2026 विधानसभा चुनाव में इस बार पूर्ण राज्य और बेरोजगारी सबसे बड़े मुद्दे बन गए हैं. छोटे फ्रांस के नाम से मशहूर इस केंद्र शासित प्रदेश में नेताओं और जनता का एक ही दर्द है, हर छोटी फाइल और बजट के लिए दिल्ली का मुंह ताकना. वहीं, चुनाव में अब डिज्नी वर्ल्ड और AI पार्क जैसे बड़े वादों के साथ नए खिलाड़ियों की एंट्री ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है.