| Gender | Male |
| Age | 34 |
| State | BIHAR |
| Constituency | PATNA SAHIB |
शशांत शेखर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं. उनकी उम्र 34 साल है और उनकी शैक्षिक योग्यता Post Graduate है. उन पर दर्ज केसों की संख्या (0) है. उनकी कुल संपत्ति 1.2Crore रुपये है, जबकि उन पर 2.7Crore रुपये की देनदारी है.
Serious IPC Counts
Education
Cases
self profession
| Property details | 2025 |
|---|---|
| Total Assets | 1.2Crore |
| Movable Assets | 1.2Crore |
| Immovable Assets | 0 |
| Liabilities | 2.7Crore |
| Self Income | 11.9Lac |
| Total Income | 24.3Lac |
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजनीतिक दलों के चुनावी खर्च के आंकड़े दिलचस्प कहानी सुना रहे हैं. चुनाव आयोग में जमा आंकड़ों पर नजर डालने पर मालूम होता है कि सबसे ज्यादा खर्च बीजेपी ने किए, और सबसे कम मार्क्सवादी कम्यनिस्ट पार्टी ने - लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि सबसे महंगा विधायक किसे पड़ा है?
बिहार विधानसभा चुनाव की गूंज यूपी की सियासी जमीन पर भी सुनाई पड़ रही है. इसकी वजह यह है कि सीएम योगी आदित्यनाथ बिहार में एनडीए को जिताने के लिए मशक्कत कर रहे थे तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने महागठबंधन के लिए पूरी ताकत झोंक दी. ऐसे में सवाल उठता है कि बिहार का यूपी कनेक्शन क्या है?
इंडिया टुडे ने चुनाव आयोग के डेटा की गहराई से जांच की और पाया कि SIR और चुनाव नतीजों के बीच कोई सीधा या समझ में आने वाला पैटर्न दिखता ही नहीं. हर बार जब एक ट्रेंड बनता लगता है, तुरंत ही एक दूसरा आंकड़ा उसे तोड़ देता है. बिहार चुनाव में NDA ने 83% सीटें जीतीं, पर SIR से जुड़े नतीजे अलग कहानी कहते हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों में एक दिलचस्प पैटर्न सामने आया है. जहां सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से जीती गई पांचों सीटें NDA के खाते में गईं, वहीं बेहद कम मार्जिन वाली सीटों पर अलग-अलग दलों की जीत दर्ज हुई. चुनावी आंकड़े बताते हैं कि भारी अंतर वाली सीटों पर NDA का दबदबा स्पष्ट दिखा जबकि कम अंतर वाली सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी रहा.
jamui result shreyasi singh: जमुई विधानसभा सीट से दूसरी बार श्रेयसी ने राजद के मोहम्मद शमसाद आलम को 54 हजार वोटों से हराकर जीत हासिल की हैं.
बिहार चुनाव में महागठबंधन का प्रदर्शन बुरी तरह फ्लॉप रहा और RJD-कांग्रेस गठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया. इसकी बड़ी वजहें थीं- साथी दलों के बीच लगातार झगड़ा और भरोसे की कमी, तेजस्वी को सीएम चेहरा बनाने का विवादास्पद फैसला, राहुल-तेजस्वी की कमजोर ट्यूनिंग और गांधी परिवार का फीका कैंपेन.
बिहार चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद महागठबंधन बुरी तरह पिछड़ गया और आरजेडी अपने इतिहास की बड़ी हारों में से एक झेल रही है. इससे तेजस्वी यादव के नेतृत्व, रणनीति और संगठन पर गंभीर सवाल उठे हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव में नामांकन वापसी के आखिरी दिन से पहले सियासत गरमा गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद एनडीए के कई बागी उम्मीदवारों ने अपना पर्चा वापस ले लिया है, जिसमें पटना साहिब और बक्सर जैसी महत्वपूर्ण सीटें शामिल हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है, जिसमें कई बड़े उलटफेर देखने को मिले हैं. पार्टी ने 71 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है, लेकिन सबसे चौंकाने वाली खबर विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव का टिकट कटना है. पटना से हमारे सहयोगी शशि भूषण ने पुष्टि की है कि 'नंदकिशोर यादव का टिकट कट गया है.'
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने 71 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है, जिसमें कई बड़े फेरबदल देखने को मिले हैं. सबसे बड़ी खबर विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव का पटना साहिब से टिकट कटना है, जबकि डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी जेडीयू से मिली तारापुर सीट से चुनाव लड़ेंगे. इस सूची पर हमारे कंसल्टिंग एडिटर सुजीत झा ने कहा, ‘दंदकिशोर यादव का टिकट कटना हो सकता है कि उम्र के लिहाज से उनका टिकट काटा गया हो.’ नंदकिशोर की जगह पार्टी ने पटना हाईकोर्ट में केंद्र सरकार की पैरवी करने वाले वकील रत्नेश कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है.