| Gender | M |
| Age | 43 |
| State | BIHAR |
| Constituency | NARKATIAGANJ |
मो मोतिउर रहमान बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बसपा उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं. उनकी उम्र 43 साल है और उनकी शैक्षिक योग्यता Graduate Professional है. उन पर दर्ज केसों की संख्या (0) है. उनकी कुल संपत्ति 22.1Lac रुपये है, जबकि उन पर 0 रुपये की देनदारी है.
Serious IPC Counts
Education
Cases
self profession
| Property details | 2025 |
|---|---|
| Total Assets | 22.1Lac |
| Movable Assets | 4.1Lac |
| Immovable Assets | 18Lac |
| Liabilities | 0 |
| Self Income | 0 |
| Total Income | 0 |
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजनीतिक दलों के चुनावी खर्च के आंकड़े दिलचस्प कहानी सुना रहे हैं. चुनाव आयोग में जमा आंकड़ों पर नजर डालने पर मालूम होता है कि सबसे ज्यादा खर्च बीजेपी ने किए, और सबसे कम मार्क्सवादी कम्यनिस्ट पार्टी ने - लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि सबसे महंगा विधायक किसे पड़ा है?
बिहार विधानसभा चुनाव की गूंज यूपी की सियासी जमीन पर भी सुनाई पड़ रही है. इसकी वजह यह है कि सीएम योगी आदित्यनाथ बिहार में एनडीए को जिताने के लिए मशक्कत कर रहे थे तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने महागठबंधन के लिए पूरी ताकत झोंक दी. ऐसे में सवाल उठता है कि बिहार का यूपी कनेक्शन क्या है?
इंडिया टुडे ने चुनाव आयोग के डेटा की गहराई से जांच की और पाया कि SIR और चुनाव नतीजों के बीच कोई सीधा या समझ में आने वाला पैटर्न दिखता ही नहीं. हर बार जब एक ट्रेंड बनता लगता है, तुरंत ही एक दूसरा आंकड़ा उसे तोड़ देता है. बिहार चुनाव में NDA ने 83% सीटें जीतीं, पर SIR से जुड़े नतीजे अलग कहानी कहते हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों में एक दिलचस्प पैटर्न सामने आया है. जहां सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से जीती गई पांचों सीटें NDA के खाते में गईं, वहीं बेहद कम मार्जिन वाली सीटों पर अलग-अलग दलों की जीत दर्ज हुई. चुनावी आंकड़े बताते हैं कि भारी अंतर वाली सीटों पर NDA का दबदबा स्पष्ट दिखा जबकि कम अंतर वाली सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी रहा.
jamui result shreyasi singh: जमुई विधानसभा सीट से दूसरी बार श्रेयसी ने राजद के मोहम्मद शमसाद आलम को 54 हजार वोटों से हराकर जीत हासिल की हैं.
बिहार चुनाव में महागठबंधन का प्रदर्शन बुरी तरह फ्लॉप रहा और RJD-कांग्रेस गठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया. इसकी बड़ी वजहें थीं- साथी दलों के बीच लगातार झगड़ा और भरोसे की कमी, तेजस्वी को सीएम चेहरा बनाने का विवादास्पद फैसला, राहुल-तेजस्वी की कमजोर ट्यूनिंग और गांधी परिवार का फीका कैंपेन.
बिहार चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद महागठबंधन बुरी तरह पिछड़ गया और आरजेडी अपने इतिहास की बड़ी हारों में से एक झेल रही है. इससे तेजस्वी यादव के नेतृत्व, रणनीति और संगठन पर गंभीर सवाल उठे हैं.
कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने बिहार चुनाव को लेकर अपनी पार्टी की रणनीति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता राहुल गांधी के चेहरे पर चुनाव लड़ना चाहती है, ताकि इंडिया गठबंधन की सरकार बन सके. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को 'विनाश और नफरत' का चेहरा बताया, जबकि नीतीश कुमार के पास मुख्यमंत्री का कोई चेहरा न होने की बात कही.
Bihar elections update: बिहार में 12 सीटों पर महागठबंधन उम्मीदवार आमने-सामने आ गए हैं. अभी तक की जानकारी के मुताबिक 6 सीटों पर RJD बनाम कांग्रेस, 4 सीटों पर CPI vs CONGRESS और एक सीट पर VIP बनाम RJD की जंग सामने आ रही है.
बिहार में महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर मामला उलझ गया है, तेजस्वी यादव के आवास पर देर रात तक चली. बैठक के बावजूद कोई हल नहीं निकल सका. कांग्रेस और आरजेडी के बीच कुछ सीटों को लेकर गतिरोध बना हुआ है. 5 घंटे तक चली बैठक के बाद भी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है.