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यूपीएससी अभ्यर्थियों को नहीं होगी परेशानी : सरकार

केंद्र सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के अभ्यर्थियों को सिविल सर्विस एप्टीट्युट टेस्ट (सीसैट) को हटाने की उनकी मांग पर शांति बरतने की अपील करते हुए कहा कि उनके साथ कोई अन्याय नहीं किया जाएगा.

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केंद्र सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के अभ्यर्थियों को सिविल सर्विस एप्टीट्युट टेस्ट (सीसैट) को हटाने की उनकी मांग पर शांति बरतने की अपील करते हुए कहा कि उनके साथ कोई अन्याय नहीं किया जाएगा.

केंद्रीय कार्मिक एवं लोक शिकायत राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में शुक्रवार को कहा कि पिछले साल मार्च में गठित तीन सदस्यीय समिति से एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है.

उनका यह बयान यूपीएससी के अभ्यर्थियों के गुरुवार को मुखर्जी नगर में हिंसा पर उतारू होकर एक बस, पुलिस के वाहन और एक मोटरसाइकिल में आग लगा देने के बाद आया है। पुलिस ने इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया है.

मंत्री ने सदन में कहा, 'उम्मीदवारों को परेशानियों का सामना नहीं करना होगा और प्रवेश पत्र जारी होने को लेकर उन्हें चिंतित होने की जरूरत नहीं है.'

उनके स्पष्टीकरण के बावजूद विपक्षी दलों का विरोध जारी रहा और सदन की कार्यवाही अपराह्न 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

इससे पहले राज्यसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल के दौरान दो बार स्थगित हुई. विपक्ष प्रधानमंत्री से सदन में बयान देने की मांग कर रहा था.

हालांकि, लोकसभा को इस मुद्दे पर किसी तरह का स्थगन नहीं झेलना पड़ा.

मंत्री ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, 'सरकार को छात्रों के साथ पूरी सहानुभूति है और इस बात को लेकर सरकार का रवैया बिल्कुल स्पष्ट है कि किसी भी हालत में विशेषकर भाषा के आधार पर छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। हम जल्द ही इसका समाधान ढूंढ लेंगे.'

यूपीएससी परीक्षा में शामिल होने वाले ये अभ्यर्थी सीसैट को मानविकी विषयों और हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए पक्षपातपूर्ण करार देते हुए इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

सरकार ने राजधानी में अभ्यर्थियों के विरोध को देखते हुए इस विवाद के संबंध में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है.

उन्होंने कहा, 'हम अभ्यर्थियों से शांति बनाए रखने का अनुरोध करेंगे, क्योंकि सरकार भी इस मुद्दे पर चिंतित है. मुद्दे पर फैसला समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा.'

प्रदर्शन उस वक्त तेज हो गया, जब यूपीएससी ने 24 अगस्त को होने वाली प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी किया.

मंत्री ने यह भरोसा भी दिलाया कि प्रवेश पत्र को इस बात का संकेत नहीं मानना चाहिए कि इससे तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट प्रभावित होगी.

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