scorecardresearch
 

जामिया मिल्लिया इस्लामिया: 24 नवंबर तक क्लासेस और ऑड सेमेस्टर एग्जाम ऑनलाइन होंगे

जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने सुरक्षा चिंताओं के चलते 24 नवंबर तक ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखने और ऑड सेमेस्टर की परीक्षाएं ऑनलाइन कराने का फैसला किया है. शारीरिक कक्षाएं 13 जनवरी के बाद ही शुरू होने की उम्मीद है.

Advertisement
X
जामिया में 24 नवंबर तक ऑनलाइन पढ़ाई.  (Photo-@jmiu_official)
जामिया में 24 नवंबर तक ऑनलाइन पढ़ाई. (Photo-@jmiu_official)

जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने सुरक्षा को लेकर बनी चिंताओं के बीच ऑनलाइन कक्षाओं की अवधि 24 नवंबर तक बढ़ा दी है. विश्वविद्यालय ने ऑड सेमेस्टर की परीक्षाएं भी ऑनलाइन कराने का फैसला किया है. वहीं, ऑफलाइन  क्लासेस 13 जनवरी के बाद ही शुरू होने की उम्मीद है.

विश्वविद्यालय के संशोधित शैक्षणिक कार्यक्रम के मुताबिक, 25 दिसंबर से 12 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा. इसके बाद 13 जनवरी से ईवन सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू करने का कार्यक्रम है. हालांकि, 13 जनवरी के बाद भी सुरक्षा स्थिति को देखते हुए ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखी जा सकती हैं. ऑफलाइन  क्लासेस दोबारा शुरू करने का फैसला सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा.

जामिया में यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है. विश्वविद्यालय में जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ (JMISU) के चुनाव 2006 के बाद से नहीं हुए हैं. प्रदर्शन कर रहे छात्र चुनाव की निश्चित तारीख घोषित करने, छात्र संघ के संविधान को मंजूरी देने की समयसीमा तय करने और आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

Advertisement

दो छात्रों को हिरासत में लिया गया

मंगलवार देर रात परिसर में तोड़फोड़, पथराव और विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाए जाने की घटनाओं के बाद बुधवार को दिल्ली पुलिस ने दो छात्रों को हिरासत में लिया. हिरासत में लिए गए छात्रों की पहचान फैजान और जीशान के रूप में हुई है. फैजान विश्वविद्यालय में एनएसयूआई इकाई के अध्यक्ष हैं, जबकि जीशान एनएसयूआई की सोशल मीडिया इकाई के पूर्व राष्ट्रीय प्रमुख रह चुके हैं.

यह भी पढ़ें: जामिया प्रदर्शन पर शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी का बयान, बोले- हिंसा और गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं होगी

सरकार ने बनाई 7 सदस्यीय समिति

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को परिसर में हुई हिंसा को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया था. उन्होंने छात्रों की मांगों की जांच के लिए सात सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति बनाने का ऐलान किया.समिति में वरिष्ठ डीन और प्रोफेसर शामिल हैं. जोशी ने कहा कि छात्र संघ चुनाव का मुद्दा 2006 से चला आ रहा है और तब से चुनाव नहीं हुए हैं. उन्होंने पिछली रात हुई हिंसा में शामिल लोगों को छात्र मानने से इनकार करते हुए इसे कुछ उपद्रवी लोगों की करतूत बताया.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement