जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रदर्शन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता नजर आ रहा है. इस मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि हिंसा और गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. वहीं, छात्रों की मांगों और कुछ लोगों के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति बनाई गई है. मंत्री ने कहा कि अगर किसी के साथ गलत कार्रवाई हुई है, तो उसे ठीक किया जाएगा.
छात्रों की मांगों पर बनी सात सदस्यीय समिति
शिक्षा मंत्री के मुताबिक, समिति में वरिष्ठ डीन और प्रोफेसर शामिल हैं. यह समिति छात्रों की मांगों और कुछ लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी. उन्होंने कहा कि अगर किसी के खिलाफ गलत तरीके से कार्रवाई हुई है, तो मामले को सुलझाया जाएगा.
2006 से चुनाव नहीं होने का किया जिक्र
प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह मुद्दा 2006 से चला आ रहा है और तब से चुनाव नहीं हुए हैं. उन्होंने बीती रात हुई घटना पर भी नाराजगी जताई. मंत्री ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल लोग छात्र नहीं, बल्कि कुछ उपद्रवी थे. उन्होंने कहा कि ऐसी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी.
16 दिन से चल रहा है प्रदर्शन
बता दें कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर 16 दिनों से प्रदर्शन चल रहा है. छात्र 2006 के बाद से चुनाव नहीं होने पर सवाल उठा रहे हैं और चुनाव की तारीख तय करने के साथ छात्र संघ का संविधान बनाने की समयसीमा घोषित करने पर अड़े हुए हैं.
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने भूख हड़ताल भी की. विश्वविद्यालय प्रशासन ने 24 अक्टूबर से कक्षाएं ऑनलाइन कर दीं. वहीं, 27 अक्टूबर की रात कैंपस में तोड़फोड़ और सुरक्षा व्यवस्था में सेंध के आरोप सामने आए, जिन पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने चिंता जताई. केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने छात्रों की मांगों पर विचार के लिए सात सदस्यीय समिति बनाने की बात कही है.