नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर बड़े विवादों के घेरे में है. ताजा मामला 30 जून को हुई UGC-NET जून 2026 परीक्षा का है, जिसके सोशियोलॉजी (समाजशास्त्र) का पेपर परीक्षा से कुछ घंटे पहले ही लीक होने के गंभीर आरोप लगे हैं. हरियाणा के छात्र नेता दीपक धनखड़ और अंकित सिंह फोगाट ने दावा किया है कि एक संगठित नेटवर्क ने परीक्षा से पहले ही सोशियोलॉजी का सवालिया पेपर हासिल कर लिया था. उनका आरोप है कि कई राज्यों के छात्रों को परीक्षा में बैठने से पहले ही इन लीक हुए सवालों के जरिए कोचिंग दी गई थी.
दीपक धनखड़ ने एक वीडियो जारी कर कथित तौर पर लीक हुआ सोशियोलॉजी का पेपर दिखाया है. उनका कहना है कि उम्मीदवारों को पहले से ही सवालों के दो अलग-अलग सेटों की ट्रेनिंग दी गई थी, जिनमें से 100 सवालों का एक सेट हूबहू असली परीक्षा पेपर से मेल खाता था.
छात्र नेताओं का यह भी आरोप है कि बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में सक्रिय 7 से 8 लोगों के एक गिरोह ने छात्रों को रातभर बुलाकर कोचिंग दी. इसके बदले हर उम्मीदवार से करीब 2.25 लाख रुपये वसूले गए. इतना ही नहीं, इस नेटवर्क ने आने वाली अन्य परीक्षाओं जैसे CSIR, HTET और ADA भर्ती परीक्षाओं के पेपर भी एडवांस में दिलाने का वादा किया था.
'इंडिया टुडे' के हाथ लगे कथित हस्तलिखित (handwritten) लीक दस्तावेज से पता चलता है कि इसमें NTA का क्वेश्चन-सेटिंग टेम्पलेट शामिल है. इस डॉक्यूमेंट में हर सवाल से जुड़ा अंदरूनी डेटा (metadata) भी दर्ज है, जैसे सवाल किसने सबमिट किया और किसने मॉडरेट किया, जिस पर हाथ से लिखे हुए इनिशियल्स (हस्ताक्षर) और तारीखें मौजूद हैं. यह NTA की दो-चरणीय वेरिफिकेशन (two-stage vetting) प्रक्रिया को दर्शाता है.
इस कथित लीक दस्तावेज में हर सवाल का पूरा रेफरेंस भी दिया गया है जैसे सोर्स बुक, लेखक का नाम, पब्लिकेशन का साल, पब्लिशर और बकायदा पेज नंबर तक दर्ज हैं. इसके अलावा, इसमें टिक-बॉक्स फील्ड्स भी हैं जो बताते हैं कि सवाल का स्तर क्या है (आसान, मध्यम या कठिन) और छात्र की किस क्षमता (याद रखने की, समझने की या हायर ऑर्डर स्किल्स) को परखने के लिए है. सूत्रों के मुताबिक, पेपर बनाने की इतनी बारीक और अंदरूनी जानकारी बेहद गोपनीय होती है और यह सिर्फ NTA के पेपर-सेटिंग पैनल के सदस्यों के पास ही हो सकती है.
छात्रों ने अब NTA से मांग की है कि वह इस लीक हुए मटेरियल का असली परीक्षा पेपर से मिलान करके इसकी आधिकारिक पुष्टि करे. साथ ही, इन दावों की एक स्वतंत्र डिजिटल फोरेंसिक जांच कराने की भी मांग उठाई है.
मामले पर सियासी घमासान
इस विवाद पर अब राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बार-बार हो रहे पेपर लीक के आरोपों पर कार्रवाई करने में नाकाम रही है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए राहुल गांधी ने दावा किया कि UGC-NET परीक्षा से पहले जो 100 पन्नों की PDF घूम रही थी, उसके करीब 90 सवाल आधिकारिक NTA पेपर से मेल खाते हैं और इसे कई राज्यों में 2.25 लाख रुपये में बेचा गया.
एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले की एक स्वतंत्र फोरेंसिक जांच होनी चाहिए. हालिया नीट (NEET) विवाद से इसकी तुलना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की कड़ी मेहनत की रक्षा करने में पूरी तरह फेल रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए अब देश भर के छात्रों को एकजुट होना होगा. फिलहाल इस पूरे मामले और गंभीर आरोपों पर NTA की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.