विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को यूजीसी-नेट परीक्षा आयोजित करने का कार्य सौंपा है, जो भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 'सहायक प्रोफेसर' के साथ-साथ 'जूनियर रिसर्च फेलोशिप और सहायक प्रोफेसर' के लिए एक परीक्षा है(UGC NET) .
यूजीसी-नेट का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा दिसंबर 2018 से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में किया जा रहा है. जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) और सहायक प्रोफेसरशिप के लिए पात्रता प्रदान करना यूजीसी-नेट के पेपर-I और पेपर-II में उम्मीदवार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है. केवल सहायक प्रोफेसरशिप के लिए क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवार जेआरएफ के लिए एलिजेबल नहीं होगें.
सहायक प्रोफेसरशिप के लिए परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार संबंधित विश्वविद्यालयों या कॉलेजों के नियमों के अनुसार ही एलिजेबल होते हैं.
यूजीसी-नेट परीक्षा हर साल दो बार (जून और दिसंबर) आयोजित किया जाता है. यूजीसी-नेट परीक्षा को नियमित करने के लिए, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए), यूजीसी की सहमति से देश भर के चयनित शहरों में 83 विषयों में यूजीसी नेट दिसंबर 2023 से आयोजित कर रही है.
फाइनल आंसर की जारी होने के बाद NTA ने UGC-NET जून 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया है. 84 विषयों के नतीजे और स्कोर कार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं. जिन उम्मीदवारों की परीक्षा 9 और 10 सितंबर को दोबारा होगी, उनका रिजल्ट और स्कोर कार्ड री-एग्जाम के बाद जारी किया जाएगा.
देश की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर उतरकर Gen-Z और Gen-Alpha ने क्रांति छेड़ दी है. जंतर-मंतर से लेकर रांची, लखनऊ, जयपुर और धार तक देश के हर कोने से आवाज आ रही है. NTA की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही. NEET के विवाद के बाद अब UGC-NET के परीक्षा पत्रों में शर्मनाक गलतियों की वजह से 3 विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी गईं. आखिर क्यों नहीं सुधर रहा ये सिस्टम? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
देश में 13 तरह की परीक्षाएं कराने वाली सबसे बड़ी एजेंसी NTA क्या अब देश के छात्रों के लिए नेशनल टेंशन एजेंसी बन चुकी है? जहां नीट पेपर लीक पर आंदोलन के बाद एनटीए के 40 से ज्यादा अधिकारियों को बदल दिया गया. वहीं पर पता चला कि इस एजेंसी के पूरे सिस्टम को ही बदलने की जरूरत है, क्योंकि अब NTA ने जून में कराई UGC-NET की परीक्षा में तीन विषय के एग्जाम को रद्द करके सितंबर में कराने का फैसला किया है. देखें खबरदार.
UGC-NET के तीन विषयों की परीक्षा रद्द होने के बाद यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है. मंत्रालय ने परीक्षा तंत्र का गहन ऑडिट कर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. यह कदम परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए उठाए गए हैं.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने यूजीसी नेट के इंग्लिश, सोशियोलॉजी और कॉमर्स पेपर में स्पेलिंग की कई गलतियां सामने आई हैं. इसके साथ ही कई सवाल रिपीट भी किए गए थे. लगातार आ रही शिकायतों के बाद से NTA ने परीक्षा रद्द कर दी और वापस से परीक्षा का आयोजन 9 और 10 सितंबर को किया जाएगा. लेकिन सवाल खड़ा हो रहा है कि NTA नकल के चक्कर में फंस गई है?
अभी NEET पेपर लीक पर विवाद पूरी तरह थमा भी नहीं कि अब NTA फिर से परीक्षा में गड़बड़ी के चलते सवालों के घेरे में आ गया है. इस बार मामला UGC-NET परीक्षा से जुड़ा हुआ है, जिसके 3 विषयों के प्रश्नपत्र में गड़बड़ी के चलते एजेंसी ने री-एग्जाम का फैसला लिया है. अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की UGC-NET की परीक्षा दोबारा कराई जाएगी. दरअसल, इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में तथ्य, टाइपिंग, ट्रांसलेशन और व्याकरण से जुड़ी कई गलतियां पाई गई थीं. NTA की एक्सपर्ट कमेटी ने पाया कि केवल चैलेंज प्रक्रिया से इन खामियों को ठीक करना संभव नहीं है.
NTA की UGC-NET जून 2026 परीक्षा में अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों के प्रश्नपत्रों में गंभीर गलतियों के कारण परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है.
यूजीसी नेट जून 2026 के तीन विषयों अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की परीक्षा दोबारा कराई जाएगी. एनटीए की विशेषज्ञ समिति को इन प्रश्नपत्रों में तथ्य, टाइपिंग, अनुवाद और व्याकरण से जुड़ी गंभीर गलतियां मिली थीं. री-एग्जाम के लिए अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर, जबकि समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को होगी. बाकी 84 विषयों के परिणाम तय कार्यक्रम के अनुसार जारी होंगे.
सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा देना हो या बोर्ड का एग्जाम छात्र परेशान नजर आ रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि हर ओर कुछ न कुछ गड़बड़ियां सामने आ रही हैं. वहीं, यूजीसी नेट भी अब इसमें शामिल हो गया है. परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों ने चेतावनी दी है कि अगर 10 अगस्त तक प्रोविजनल आंसर की नहीं आता है, तो वे 11 अगस्त को एनटीए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे. इस देरी की वजह से पीएचडी प्रवेश, सहायक प्रोफेसर के आवेदनों और एनटीए के संचार की कमी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
देश की सबसे बड़ी-बड़ी परीक्षाओं पर से छात्रों और अभिभावकों का विश्वास खत्म होता जा रहा है क्योंकि परीक्षा पिछले कुछ सालों में सवालों के घेरे में रहे हैं. मेडिकल से लेकर स्कूली बोर्ड परीक्षा तक में विवाद देखने को मिल रहे हैं. इन घटनाओं के बाद से ही बड़ी संख्या में छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
राहुल गांधी के 152 पेपर लीक के दावों के बीच, अगर हम देश के सबसे बड़े और बहुचर्चित मामलों का विश्लेषण करें, तो राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं से लेकर राज्यों की नौकरियों तक का ढांचा पूरी तरह चरमराया हुआ दिखता है. यहां हम पिछले एक दशक के वे 10 बड़े पेपर लीक बता रहे हैं, जिन्होंने भारत के शिक्षा और रोजगार तंत्र को सबसे गहरा जख्म दिया.
UGC-NET 2026 की सोशियोलॉजी परीक्षा से पहले पेपर लीक होने के आरोपों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को विवादों में घेर दिया है. हरियाणा के छात्र नेताओं ने दावा किया कि एक संगठित नेटवर्क ने परीक्षा से पहले पेपर हासिल कर छात्रों को कोचिंग दी. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए स्वतंत्र फोरेंसिक जांच की मांग की है. NTA ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित यूजीसी-नेट परीक्षा के समाजशास्त्र विषय के पेपर में कई गंभीर गलतियां पाई गई हैं, जिनमें वर्तनी की अशुद्धियां, गलत नाम, खराब हिंदी अनुवाद और आउट ऑफ सिलेबस सवाल शामिल हैं. छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं और पेपर की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं. NTA ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है.
UGC NET में दीक्षा मक्कड़ ने बड़ी कामयाबी पाते हुए ऑल इंडिया टॉप किया है. इस पर उन्होंने बताया कि मैंने तीन साल तक यूजीसी नेट की मेहनत की और यह मेरा पांचवां प्रयास था. कई बार कुछ अंक कम होने के कारण नेट या जेआरएफ नहीं मिल पाया था. इस बार मेरी सफलता का परिणाम यह है कि मेरा ऑल इंडिया रैंक एक आया है, और मेरा विषय था पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन.
5वीं कोशिश में UGC-NET एग्जाम में सफलता पाने वाली छात्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि परीक्षा के पांचवें प्रयास में भाग लेना हर किसी के लिए बहुत कठिन होता है. पहली कोशिश के बाद यह समझ में आता है कि परीक्षा का पैपर कैसा होता है और दूसरे प्रयास में आप अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं.
यूजीसी के नए नियम का विरोध करते हुए बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया. इसके खिलाफ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में भी पीआईएल दाखिल किया है. याचिका में इसके कुछ प्रावधानों को असंवैधानिक करार देने की गुहार लगाई है. सोशल मीडिया पर भी इसका भारी विरोध हो रहा है. ऐसे में जानते हैं ये नियम क्या है और क्यों यूजीसी को इस नियम की जरूरत पड़ी?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC NET दिसंबर परीक्षा 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं. उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं.
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने अभी तक यूजीसी नेट 2025 का एडमिट कार्ड जारी नहीं किया है. यह परीक्षा 31 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 तक दो शिफ्टों में आयोजित की जाएगी और एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट से इसे डाउनलोड कर सकेंगे.
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC NET) दिसंबर 2025 के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है. जो उम्मीदवार जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) या असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्यता प्राप्त करना चाहते हैं, वे NTA की आधिकारिक वेबसाइटों nta.ac.in और ugcnet.nta.ac.in पर विस्तृत अधिसूचना देख सकते हैं.
हाल ही में एक NEET छात्र की आत्महत्या से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद , विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए नए मानसिक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों को अपनाना अनिवार्य कर दिया है.
यूजीसी नेट जून 2025: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने घोषणा की थी कि यूजीसी नेट जून 2025 के परिणाम 22 जुलाई, 2025 को घोषित किए जाएंगे. इसी अनुसार, एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट उपलब्ध करा दिया गया है.