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2 FIR, 9 अरेस्ट और अफवाह... LPU कैंपस में उस रात क्या-क्या हुआ? जालंधर DIG ने क‍िया खुलासा

अफ़वाह, तोड़फोड़ और फिर आगजनी! फगवाड़ा के LPU यूनिवर्सिटी हिंसा मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. 10 दिनों से भड़के बवाल में 9 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और अज्ञात के खिलाफ रेप की FIR दर्ज कर SIT जांच कर रही है. पढ़िए कैंपस की उस खौफनाक रात का पूरा सच.

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पुलिस बोली- कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ, अफवाह से फैला था रोष
पुलिस बोली- कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ, अफवाह से फैला था रोष

'हॉस्टल में लड़की के साथ दरिंदगी हुई है और प्रशासन सब छिपा रहा है...' 26 सितंबर की शाम को सोशल मीडिया पर फैला यह एक मैसेज, और कुछ ही घंटों में पंजाब की नामी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) का शांत कैंपस उपद्रव, पथराव और आगजनी के अखाड़े में बदल गया. 27 सितंबर की पूरी रात और अगले दिन तक चले इस बवाल, हाईवे जाम, पुलिस-मीडिया की गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में पुलिस ने अब तक की अपनी जांच के बाद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.

जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी इनसाइड स्टोरी सामने रखी है. आइए समझते हैं कि एलपीयू कैंपस में उस रात क्या-क्या हुआ और पुलिस अब तक क्या कार्रवाई कर चुकी है.

रेप की वो अफवाह... और भड़क उठी आग

पुलिस जांच में सामने आया कि पूरे उपद्रव की नींव 26 सितंबर की शाम को फैले एक फर्जी सोशल मीडिया मैसेज से पड़ी. मैसेज में दावा किया गया था कि यूनिवर्सिटी के 'G3' हॉस्टल में एक छात्रा का रेप हुआ है जिस पर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा. इस अफवाह के फैलते ही सैकड़ों छात्र भड़क उठे. उन्होंने यूनिवर्सिटी कैंपस में तोड़फोड़ शुरू कर दी, गाड़ियों को आग के हवाले किया और दिल्ली-जालंधर नेशनल हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया.

FIR दर्ज, मुंबई से जम्मू-कश्मीर तक 9 गिरफ्तार

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कैंपस और बाहर हुई लूटपाट, इंफ्रास्ट्रक्चर को पहुंचे नुकसान और पुलिस गाड़ियों को जलाने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है. फगवाड़ा के थाना सतनामपुरा (FIR No. 163 - BNS और पंजाब प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी एक्ट के तहत) और थाना सदर (FIR No. 106) में गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, टेक्निकल सर्विलांस और सोशल मीडिया पोस्ट्स की मदद से 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें 7 एलपीयू के छात्र हैं और 2 बाहरी हैं.

पकड़े गए आरोपियों में 4 फगवाड़ा से, 1 नाबालिग (जवेनाइल) बाहर से, 2 जम्मू-कश्मीर से और 2 आरोपी मुंबई से राउंडअप/गिरफ्तार किए गए हैं. करीब 20 उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें केस में नामजद किया गया है.

इन्फ्लुएंसर फरहत पर भी शिकंजा

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मोहम्मद फरहत का नाम भी इस हिंसा में सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद फराह के सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो और पोस्ट मिले हैं जिनमें वह खुद तोड़फोड़ और नुकसान पहुंचाता दिख रहा है. पुलिस ने उसे केस में नामजद कर लिया है और जल्द ही अरेस्ट कर पूछताछ करने की तैयारी में है.

'स्टूडेंट्स हमारे बच्चे हैं, पहले कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ'

डीआईजी नवीन सिंगला ने लाठीचार्ज के दावों को पूरी तरह खारिज किया. उन्होंने साफ किया कि पुलिस ने शुरुआत में पूरा संयम (Restraint) बरता क्योंकि छात्र हमारे अपने बच्चे हैं. हमने बेहद संवेदनशील तरीके से मामले को संभाला. लेकिन जब उग्र भीड़ ने मीडिया और पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी, तब स्थिति को नियंत्रित करने और उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा.

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रेप की FIR दर्ज, SIT कर रही जांच

पुलिस ने स्पष्ट किया कि हालांकि किसी भी पीड़ित छात्रा या परिवार ने सामने आकर कोई शिकायत नहीं दी थी और न ही किसी संदिग्ध का नाम था, फिर भी छात्रों के रोष और मांग को देखते हुए अज्ञात के खिलाफ रेप की FIR दर्ज कर ली गई है. एसपी विनीत अहलावत की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है. एसआईटी टीम हॉस्टल की छात्राओं, महिला वार्डन और मेंटेनेंस स्टाफ से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि सच सामने आ सके. इसके साथ ही कैंपस के बाहर बने पीजी और कार रेंटल वाले सिंडिकेट की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

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